
तेहरान, 17 अप्रैल (वार्ता) ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता का दूसरा दौर रोम में आयोजित होगा।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़म ग़रीबाबादी ने यह जानकारी दी है।
श्री गरीबाबादी ने बुधवार को एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा, “अभी तक हम जिस बिंदु पर बात कर रहे हैं, हमें वार्ता स्थल बदलने के लिए दूसरे पक्ष से कोई नया अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है तथा रोम ही दूसरे दौर की वार्ता का स्थल होगा।ईरानी पक्ष के लिए वार्ता स्थल कोई संवेदनशील मुद्दा नहीं है और हमें मुख्य विषय एवं काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”श्री गरीबाबादी ने कहा कि वार्ता स्थल चाहे जो भी हो, ओमान उन्हें सुगम बनाना और मध्यस्थता करना जारी रखेगा।
ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर मुलाकात की। दोनों पक्षों ने इस बैठक को रचनात्मक बताया। मस्कट में यह वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार्च की शुरुआत में दिए गए बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने ईरानी नेताओं को संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से एक पत्र भेजा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का प्रस्ताव है। बाद में ईरान ने अप्रत्यक्ष वार्ता पर सहमति व्यक्त की।
ईरान ने जुलाई 2015 में छह प्रमुख देशों ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और अमेरिका के साथ एक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इस समझौते के अंतर्गत, तेहरान प्रतिबंधों में राहत के बदले में अपनी परमाणु गतिविधियों को सीमित करने पर सहमत हुआ था। हालांकि, मई 2018 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान श्री ट्रम्प ने अमेरिका को इस समझौते से अलग कर लिया था और ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे तेहरान को समझौते के अंतर्गत अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करना पड़ा था। तब से, परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में बहुत कम प्रगति हुई है।
