
ग्वालियर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मुरैना की घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मुरैना दौरे पर जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हिंगोना खुर्द गांव में अंबेडकर जयंती पर जुलूस के दौरान डीजे साउंड को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह झगड़ा इतना बढ़ा कि गोलीबारी हो गई। इसमें 26 वर्षीय संजय पिप्पल की मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय एक अन्य युवक घायल हो गया।
इसको लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा जीतू पटवारी ने ट्वीट कर बताया कि मृतक संजय सेमिल के पिता चिंबन सिंह का आरोप है कि एक मंत्री के समर्थकों ने उनके बेटे को गोली मारी।
पटवारी ने इसी के साथ एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महू के पास बेटमा में एक दलित दूल्हे और बारातियों को श्रीराम मंदिर में प्रवेश से रोक दिया गया। मंदिर जाने की बार-बार विनती के बावजूद उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
उन्होंने आगे लिखा कि राजस्थान में कांग्रेस के दलित नेता टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने उस मंदिर को गंगाजल से धोया, जो दलित विरोध की सोच को उजागर करता है।
*बार-बार बीजेपी नेताओं के नाम क्यों?*
पटवारी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर क्यों हर बार दलित उत्पीड़न और हत्या के मामलों में बीजेपी नेताओं या उनके करीबियों के नाम सामने आते हैं? उन्होंने कहा कि यह पार्टी की सोच और रणनीति को दर्शाता है जो दलितों, आरक्षण, संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर के खिलाफ है। पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधा सवाल पूछा कि जब वे “सबका साथ, सबका विकास” की बात करते हैं, तो दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं?
