सीहोर। जिस तरह औपचारिकतापूर्ण तरीके से तीन दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ हुआ था. उसी अंदाज में तीसरे दिन इसका समापन हो गया. यह बात दीगर रही कि इस मेले के आखिरी दिन तक निजी स्कूल संचालक सिलेबस सार्वजनिक नहीं कर सके. नतीजतन जिन स्कूलों की दुकानें फिक्स थीं, वहीं से बच्चों को कोर्स खरीदने को बाध्य होना पड़ा.
निजी स्कूल और दुकान संचालकों की मोनोपॉली खत्म करने के लिए लगाए गए इस मेले में भी मोनोपॉली हावी रही. निजी स्कूल संचालकों ने सिलेबस सार्वजनिक नहीं किया, इसका नतीजा यह हुआ कि जिन स्कूलों की जो दुकानें फिक्स थीं उन्हीं दुकानों पर पुस्तक मेले में भी सिलेबस उपलब्ध था. हालांकि यहां सिर्फ विद्यार्थियों और अभिभावकों का इतना फायदा हुआ कि किताबों पर 10 फीसदी और कॉपियों पर 25 से 30 फीसदी तक उन्हें डिस्काउंट मिला, लेकिन कुछ दुकानदारों ने तो कोर्स खत्म होने का बहाना बनाते हुए विद्यार्थियों को वापस लौटा दिया. अब उन्हें वापस फिक्स दुकान से महंगे दामों में सिलेबस खरीदना पड़ेगा. यहां आने वाले अधिकांश विद्यार्थियों को सिलेबस नहीं मिल पाया. ऐसे में विद्यार्थियों ने कोर्स की जगह सिर्फ कॉपियां ही खरीदीं.जिला मुख्यालय पर लगे इस पुस्तक मेले में तीन दिन में 100 से ज्यादा विद्यार्थियों ने भी सिलेबस नहीं खरीदी.
जिला मुख्यालय सहित प्रत्येक ब्लॉक में भी पुस्तक मेला आयोजित किया गया था, लेकिन वहां की स्थिति और ज्यादा खराब है.कहीं 20 तो कहीं 25 अभिभावक ही पुस्तक मेले से किताब और कॉपियां खरीदकर ले गए हैं.सीहोर के साथ आष्टा के सीएम राइज, इछावर के सीएम राइज स्कूल, भैरूंदा के सीएम राइज और बुदनी के सीएम राइज स्कूल में पुस्तक मेला लगा था.
पुस्तक मेले में एनसीआरटी की अधूरी किताबें
1 अप्रैल से नया शिक्षण सत्र प्रारंभ हो गया है. वार्षिक परीक्षाएं पास करके छात्र अगली कक्षाओं में पहुंच गए हैं, लेकिन कक्षा 4, 5 और 7, 8 का कोर्स पूरा उपलब्ध नहीं हैं.नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 4 और 5 की एनसीईआरटी की गणित किताब उपलब्ध नहीं है वहीं कक्षा 7 व 8 की गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान किताबें स्टेशनरी दुकानों पर नहीं मिल पा रहीं हैं. कक्षा 8वीं की संस्कृत किताब भी नहीं है. ऐसे में नए शिक्षण सत्र में अधूरे कोर्स के साथ चारों कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का आधा अधूरा प्रारंभ हो रहा है. एनसीईआरटी के निदेशक ने शिक्षा मंत्री व सीबीएसई को पत्र जारी कर किताबें छपने के बारे में अवगत कराया है. यानी एनसीईआरटी ने अभी तक उक्त किताबें छापी तक नहीं हैं. 8वीं की चारों किताबें 20 जून को छपकर उपलब्ध कराने की बात सामने आई है.
162 लोग मेले में पहुंचे, 120 ने खरीदी पुस्तकें
जिला मुख्यालय पर शासकीय एमएलबी कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए पुस्तक मेले में कुल तीन दिन में यहां 162 लोग ही पुस्तक मेले में कोर्स लेने के लिए पहुंचे थे। यहां कुल 15 बुक स्टेशनरी के स्टॉल और 2 स्टॉल गणवेश के लगाए थे। शनिवार को भी दिन भर यहां स्टॉल सूने पड़े रहे। इस दौरान 120 अभिभावक बुक स्टॉल से किताब या कॉपियां खरीदकर ले गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि यहां से अधिकांश अभिभावक या विद्यार्थी सिर्फ कॉपियां ही खरीदकर ले गए हैं। यही नहीं अधिकांश अभिभावक नया सत्र शुरु होते ही पहले ही महंगे दामों में कोर्स खरीद चुके हैं।
हमारे द्वारा सूचना दी गई थी
हमारे द्वारा सभी स्कूलों को सूचना दी गई थी कि उनके बच्चों को सिलेबस खरीदने के लिए पुस्तक मेले में जाने की सलाह दी जाए. पुस्तक मेले में 162 लोग आए थे. 120 लोगों ने यहां से कोर्स खरीदा है.
सुश्री दीपा कीर,
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी
