महिला एवं बाल विकास विभाग ने सूचना मिलने पर की कार्रवाई
इंदौर: परिवार ने 17 साल की बालिका और 20 साल के बालक का विवाह करने की तैयारी कर ली थी. लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग को को मिली तो उन्होंने तुरंत विवाह निरस्त करवाया. परिजन को समझाइश दी कि बालिग होने के पश्चात ही विवाह करें. इसके लिए परिजन भी राजी हो गए.अक्षय तृतीया पर होने वाले इस विवाह की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को कंट्रोल रूम पर मिली थी.
इसके आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बुधौलिया ने उड़नदस्ता के महेंद्र पाठक को जिम्मेदारी सौंपी. पाठक किशोर पुलिस इकाई के राजकुमार खंडेलवाल थाना परदेशीपुरा के प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सोलंकी आरक्षक दीपक माहौर और दल सदस्य देवेंद्र कुमार पाठक के साथ दिए गए पते पर पहुंचे. बहुत देर तक पूछताछ के बाद भी जब पता नहीं मिला और फोन पर भी परिवार गलत जानकारी देता रहा तो उन्होंने आधार कार्ड पर दिए गए फोटो के माध्यम से जांच शुरू की. तब पता चला कि उक्त परिवार शंकर कुमार का बगीचा में रहने चला गया था.
वहां जाकर लड़के और उसके माता-पिता को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देकर समझाया. परिजन बच्चों के बालिग होने तक विवाह निरस्त करने पर राजी हो गए. अब यह विवाह 6 माह बाद बालक बालिका के पूर्ण बालिग होने के बाद ही हो पाएगा. लड़के के पिता ने पाठक को बताया कि उन्होंने विवाह के लिए सभी जगह अग्रिम राशि जमा कर दी है तो उन्होंने सभी सेवा प्रदाताओं के नाम और नंबर लेकर तुरंत संपर्क किया. पाठक ने मौके पर ही धर्मशाला घोड़ी बैंड और डीजे वाले से चर्चा कर उन्हें बाल विवाह प्रतिशत अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि विवाह से पूर्व वे वर-वधू की उम्र का परीक्षण कर ले. यदि बाल विवाह में उनकी सेवा प्रमाणित होती है तो अधिनियम के अनुसार उन्हें दोषी मानकर कार्रवाई की जाएगी.
सेवा प्रदाता बोले हम क्यों देखेंगे उम्र
उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि घोड़ी और डीजे संचालक ने समझाइश पर जवाब दिया कि वह इस तरह के कानून को नहीं मानते. हम उम्र देखने लगेंगे तो धंधा प्रभावित होगा.
चार सेवा प्रदाताओं को जारी हुए नोटिस
बाल विवाह के मामले में सेवा देने वाले धर्मशाला संचालक घोड़ी बैंड वाले और डीजे वाले को महिला एवं बाल विकास विभाग ने नोटिस जारी किया है। विवाह के जिला कार्यक्रम अधिकारी 29 अप्रैल को होने वाले बाल विवाह को समझाइश के बाद निरस्त करवाया गया है. इस समारोह में रघुवंशी धर्मशाला मरीमाता चौराहा, पालीवाल धर्मशाला शीलनाथ कैंप, छोटे चाचा घोड़ा गाड़ी वाले दौलतगंज रानीपुरा और सांई डीजे साउंड गणराज नगर खजराना को संबंधित थाना क्षेत्र के माध्यम से नोटिस देते हुए कहा है कि वह उक्त विवाह के लिए दी जाने वाली अपनी सेवाएं समाप्त करें और भविष्य में किसी भी विवाह में शामिल होने से पहले वर वधु की आयु का परीक्षण अवश्य करें. यदि समझाइश के बाद भी उक्त सेवा प्रदाता नहीं मानते हैं और किसी बाल विवाह में उनकी सेवाएं प्रमाणित होती है तो उनके विरुद्ध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी
