कोलकाता, 12 अप्रैल (वार्ता) नए वक्फ अधिनियम के विरोध में राज्य के कुछ हिस्सों में अशांति की खबरों के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को लोगों से संयम बरतने और धर्म के नाम पर किसी भी ‘अधार्मिक’ कृत्य में शामिल होने से बचने की अपील की।
सुश्री बनर्जी ने किसी का नाम लिए बिना या किसी राजनीतिक दल का जिक्र किए बिना लोगों से ‘राजनीतिक लाभ के लिए दंगे भड़काने’ से गुरेज करने भी आगाह किया। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक बंगाली में लिखे पोस्ट में कहा,“सभी धर्मों के लोगों से मेरी ईमानदारी से अपील है कि वे शांत रहें और संयम बरतें। धर्म के नाम पर किसी भी अधार्मिक कृत्य में शामिल न हों। हर इंसान की जान कीमती है, राजनीतिक लाभ के लिए दंगे न भड़काएँ। जो लोग अशांति भड़का रहे हैं, वे केवल समाज को नुकसान पहुँचा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में नए कानून को लागू नहीं करेगी और वह इस कानून का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा, “हमने अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। हम इस कानून का समर्थन नहीं करते हैं और इसे हमारे राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। तो, हिंसा की क्या जरूरत है? यह भी ध्यान रखें कि दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त या समर्थन नहीं करते हैं।”
केंद्र सरकार और खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस कानून का कई लोग विरोध कर रहे हैं, वह हमने नहीं बनाया हैथ। इसे केंद्र सरकार ने लागू किया है। इसलिए, जिम्मेदारी और जवाब उनके पास हैं।”
उन्होंने कहा, “कुछ राजनीतिक दल अपने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का शोषण करने की कोशिश कर रहे हैं। कृपया उनके जाल में न फंसें।”
मुख्यमंत्री की यह अपील कोलकाता में जैन समुदाय द्वारा आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर एक सभा को संबोधित करने के चार दिन बाद आई है, जहां उन्होंने वक्फ संपत्ति के मुद्दे पर अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को स्वीकार किया और उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके नेतृत्व में उनके अधिकारों और संपत्ति की रक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा,“मैं अल्पसंख्यकों से कहना चाहती हूं कि हम जानते हैं कि वक्फ संपत्ति मामले को लेकर आप आहत हैं। कृपया याद रखें कि जब दीदी यहां होंगी, तो दीदी आपकी और आपकी संपत्ति की रक्षा करेंगी। अगर मैं किसी को अपने घर पर कब्जा करने से रोकती हूं, तो मैं किसी और की संपत्ति छीनने की इजाजत नहीं दे सकती।” मुख्यमंत्री ने राज्य में मुसलमानों की लंबे समय से मौजूदगी को स्वीकार करते हुए (जो आबादी का 33 प्रतिशत हिस्सा हैं) कहा था कि उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बहिष्कार की किसी भी धारणा को दृढ़ता से खारिज कर दिया। बंगाल की मुख्यमंत्री की अपील शुक्रवार को नए कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की व्यापक हिंसा के बाद आई है, जिसके कारण पुलिस वैन सहित कई वाहनों को आग लगा दी गई, सुरक्षा कर्मियों पर पथराव किया गया और मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में सड़क जाम कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, अशांति के सिलसिले में 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन चार जिलों में छापेमारी जारी रही जहां विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। हालांकि, कम से कम 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि सड़क और रेल यातायात दोनों में काफी व्यवधान हुआ। पुलिस के सूत्रों ने कहा कि मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और सुती इलाकों में शनिवार को व्यापक हिंसा के बाद हिंसा भड़क उठी।
