चितरंगी:वन परिक्षेत्र करथुआ अंतर्गत ग्राम सकरिया में अवैध वन संपदा खैर की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ट्रक भरकर ले जाई जा रही कीमती खैर लकड़ी को जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक सहित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी हुनूर खान, निवासी नूह (हरियाणा), क्षेत्र के किसानों से ऊंचे दामों पर खैर की लकड़ी खरीदकर उसे कानपुर, मेवात एवं झज्जर (हरियाणा) सहित अन्य स्थानों पर सप्लाई करता था।
आरोपियों द्वारा किसानों से खरीदी गई खैर की लकड़ी की कटाई कर उसे बोगी के रूप में तैयार कर परिवहन की तैयारी की जा रही थी, तभी पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया।बताया जाता है कि खैर की लकड़ी अत्यंत मूल्यवान होती है, जिसका उपयोग कत्था उद्योग, गुटका उद्योग, कॉस्मेटिक उत्पादों, रसायन निर्माण, पेंट उद्योग तथा औषधि निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसी वजह से इसकी अवैध तस्करी लंबे समय से तस्करों के लिए लाभ का बड़ा माध्यम बनी हुई है।
कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी हुनूर खान एवं वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है। वन विभाग और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी चितरंगी सुदेश तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व एवं सतर्कता के चलते अवैध तस्करी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश हो सका। क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से वन तस्करों में हड़कंप की स्थिति है तथा प्रशासन ने अवैध वन संपदा के कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
