ब्रसेल्स, 10 अप्रैल (वार्ता) यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ व्यापार संबंध मुद्दे पर बातचीत को मौका देने के लिये उसके खिलाफ जवाबी आयात शुल्क लगाने जैसी व्यापारिक कार्रवाइयों को 90 दिन के लिये रोकने की घोषणा की है।
यूरोपीय संघ का यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कल के उस निर्णय के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत के जरिये व्यापार संबंधी मुद्दों का समाधान करने के इच्छुक देशों के विरुद्ध अतिरिक्त ऊंचे प्रशुल्क लगाने की कार्रवाई को 90 दिन के लिये रोक दिया है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लियेन ने गुरुवार को कहा, “ हम बातचीत का एक मौका देना चाहते हैं।”
इससे पहले यूरोपीय आयोग ने कहा था कि वह अमेरिका में उसके इस्पात और एल्युमिनियम उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने के खिलाफ अमेरिका के सामान पर ऊँचा आयात शुल्क वसूलने जा रहा है। ”
यूरोपीय संघ के कल के फैसले के तुरंत बाद ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वह उन देशों के खिलाफ जवाबी शुल्क की कार्रवाई 90 दिन के लिये स्थगित करने जा रहे हैं, जो अमेरिका के साथ कोई समाधान निकालना चाहते हैं। श्री ट्रम्प ने कहा था कि 75 से अधिक देशों ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क कर व्यापारिक मसले पर बातचीत करने की इच्छा जतायी है। अमेरिका ने इन 90 दिनों की अवधि में केवल 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाने का निश्चय किया है। अमेरिका ने 27 देशों के यूरोपीय संघ के खिलाफ तीन तरह के जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। इनमें इस्पात और एल्युमिनियम पर 25 प्रतिशत, कारों पर 25 प्रतिशत और अन्य वस्तुओं पर 20 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा है। बातचीत की अवधि में अब विभिन्न देशों पर अमेरिका में 10 प्रतिशत का जवाबी कर लगाया जायेगा।
वान डेर लियेन ने आज एक अलग बयान में कहा,“ व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला ठीक से काम करे, इसके लिये स्पष्ट और भरोसेमंद हालात जरूरी होते हैं। ”
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत के लिये प्रतिबद्ध है, उन्होंने यह भी कहा कि उनका समूह अपनी व्यापारिक भागीदारी का विविधीकरण कर रहा है और उन देशों के साथ बातचीत कर रहा है, जो विश्व व्यापार में 87 प्रतिशत योगदान कर रहे हैं।
यूरोपीय आयोग के व्यापार प्रवक्ता ओलफ गिल ने कहा कि समूह ने अमेरिका के साथ बातचीत की जगह बनाये रखने के लिये कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दौरान आयोग संघ के सदस्य देशों के साथ बातचीत करेगा ताकि कोई ठोस रणनीति तैयार की जा सके।
