
खालवा(शोभाराम निशोद)। कुपोषण के खात्मे और मूलभूत सुविधाओं से आदिवासी तबके को जोडऩे के बाद अब खालवा की जंगलपट्टी को इंदौर-भोपाल जैसे महानगरों के विद्यार्थियों को जो सुविधा मिलती हैं, अब इस क्षेत्र के मेधावी बच्चों को भी घर बैठे यह सब मिलेगा। गोलखेड़ा में ई-लाइब्रेरी में वे सभी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे गांव के मेधावी विद्यार्थी उच्चशिक्षा की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अलावा के आईआईटी, नीट जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में भी हिस्सा लेने की तैयारी कर सकेंगे।
मंत्री विजय शाह का कहना है कि निचले तबके का विकास सबसे पहले होना चाहिए। उनके लिए ईमानदारी से प्रयास हों, तो यहां के मेधावी बच्चे बड़ा नाम देश का कर रहे हैं। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि खालवा के अंदरूनी गांव के बच्चे लंदन वह अन्य देशों में पढ़ाई करेंगे। राज्य की सरकार उन्हें मदद करेगी। बस इन बच्चों को माध्यम चाहिए था, जो मैंने ईमानदारी से प्रयास किए।
4 करोड़ के छात्रावास का भूमि पूजन
डॉ. शाह ने ग्राम गोलखेड़ा में ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। 4.04 करोड़ रुपए लागत से निर्मित होने वाले जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास का भूमिपूजन भी श्री शाह ने किया है।
