खंडवा: बेशकीमती सागौन की लकड़ी बड़ी मात्रा में पकड़ी गई है। छनेरा के रेंजर ने इस मामले में बताया कि मुखबिर से विभाग को सूचना मिली थी। उधर,जावर पुलिस का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी और लकड़ी पकडऩे के बाद वन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए जानकारी दी गई है।इस मामले में छनेरा के रेंज ऑफिसर रमेश गहलोत ने कहा कि पेठियां और डोंगरी का क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है। इसलिए पुलिस को साथ ले जाकर कार्रवाई की गई है। पहले भी इस क्षेत्र से सागौन की लकड़ी पकड़ी थी।
संवेदनशील इलाका है यह हाल ही में 8 अप्रैल को एक मामले में पेशी भी है। पूरे क्षेत्र को पेठिया और डोंगरी गांव के लोगों ने संवेदनशील बना दिया है। वन विभाग के कर्मियों से वे झड़प करते ही रहते हैं। हालांकि गहलोत ने कहा कि पुलिस के सहयोग से ही इतनी बड़ी मात्रा में सागौन की सिल्लियां जप्त हुई हैं। यही कारण है कि जावर पुलिस ने डोंगरी गांव में दो लोगों से बड़ी मात्रा में सागौन जप्त की है।
जावर पुलिस के मुताबिक डोंगरी में कन्हैया भील के घर के पास में सागवान की लकडियों को मिनी हाथ की आरा मशीन से कन्हैया भील एवं सादिक पेठिया के फर्नीचर बनाने हेतु साईज की चिरावन तैयार कर रहे थे। जावर थाने से मुखबिर की सूचना के आधार पर सउनि रणजीत सिह राजपूत आर सुरेश वास्कले आर राजेश पवार को डोन्गरी भेजा गया था। पुलिस वाहन को देखकर सादिक आरा मशीन झोले में रखकर कन्हैया को साथ में लेकर मौके से भाग गया। मौके से चिरावन करीब 25 नग सागवान के कीमती करीब 50 हजार रुपए की लकड़ी मिली है।
