भोपाल, (वार्ता) मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी रहे मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव और “रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान” के वैश्विक अध्यक्ष कमलेश डी. पटेल को डी लिट् (मानद उपाधि) की उपाधि प्रदान की जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, लेफ्टिनेंट कर्नल राजवर्धन सिंह राठौर, पूर्व न्यायाधीश रमेशचंद्र लाहोटी, सोमयाजी दीक्षित, इफको के प्रबंध निदेशक उदयशंकर अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता और पद्मभूषण डॉ. अनिल कोहली को यह उपाधि प्रदान की जा चुकी है।
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलसचिव डाॅ अनिल कुमार शर्मा ने आज बताया कि 30 मार्च को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और कुलगुरू प्रो अर्पण भारद्वाज यह उपाधि प्रदान करेंगे। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और अनेक जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
पिछले वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोहों को ख्यातिप्राप्त विद्वानों ने संबोधित किया। इनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सर सीपी रामास्वामी अय्यर, डॉ. कालूलाल श्रीमाली, पं. द्वारकाप्रसाद मिश्र, पं. कुंजीलाल दुबे और बाबू जगजीवनराम भी शामिल हैं।
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के लिए रविवार को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उज्जैन निवासी मुख्यमंत्री डाॅ यादव ने विद्यार्थी जीवन से इस विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए नये पाठ्यक्रमों को लागू करवाने के साथ ही अनेक कार्य किए। डॉ यादव ने उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए केंद्र और राज्य की अनेक योजनाओं को यहां लागू करवाया।
उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय के इस 29वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ ही गुजरात के पद्म भूषण से सम्मानित हार्टफुलनेस मेडिटेशन के संस्थापक कमलेश डी. पटेल को मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। इससे पहले वर्ष 2007 में विश्वविद्यालय ने अंतिम बार मानद उपाधि प्रदान की थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समाज के वंचित वर्ग के उत्थान और समाज सेवा में असाधारण समर्पण के लिए यह उपाधि प्रदान की जाएगी। इस दीक्षांत समारोह में कुल 169 विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए जाएंगे।
