वाशिंगटन, 29 मार्च (वार्ता) स्वीडन के रक्षा मंत्री पाल जॉनसन ने कहा है कि यूरोपीय नेता इस बात पर सहमत हैं कि सुरक्षा गारंटी प्रदान करने के लिए यूक्रेन में सेना भेजना अमेरिका के समर्थन के बिना संभव नहीं होगा।
श्री जॉनसन ने समाचार पत्र ‘ली फिगारो’ से कहा, “यह हमारे द्वारा निकाले गए निष्कर्षों में से एक है।सेना भेजने पर चर्चा प्रारंभिक चरण में है क्योंकि यूक्रेन और रूस शांति समझौते पर नहीं पहुंचे हैं।”
श्री जॉनसन ने कहा, “हमारी चर्चा का एक महत्वपूर्ण पहलू इस तरह के मिशन के लिए सख्त नियमों को परिभाषित करना है। स्पष्टता की अभी भी आवश्यकता है।”
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को पेरिस में,”इच्छुक गठबंधन” के शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने के बाद कहा कि कई देशों ने यूक्रेन में “निरोधक बल” के रूप में सैनिक भेजने की इच्छा जताई है, और ब्रिटेन-फ्रांसीसी पहल न तो यूक्रेनी सैनिकों का विकल्प होगी, न ही शांति सैनिकों की ताकत होगी।इसका लक्ष्य रणनीतिक स्थानों पर सेना तैनात करके रूस को रोकना होगा।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ग्यारह मार्च को कहा था कि यूक्रेन में शांति सैनिकों की संभावित तैनाती का प्रस्ताव यूक्रेनी अधिकारियों को बचाने का प्रयास प्रतीत हो रहा है।
रूसी विदेशी खुफिया सेवा ने पिछले वर्ष कहा था कि पश्चिम यूक्रेन में उसकी युद्ध क्षमता को बहाल करने के लिए लगभग एक लाख लोगों का “शांति सैनिकों” का दल तैनात करेगा।
