
जांच में खुलासा, 16 करोड़ से ज्यादा की हुई है फर्जी एंट्री
जबलपुर। धान परिवहन में हुए घोटाले को लेकर जांच में एक और खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि लगभग 16 करोड़ रूपये की 72000 क्विंटल धान की फर्जी एंट्री हुई है। उल्लेखनीय है कि खरीदी केंद्र पर सर्वेयर द्वारा ही धान को पास करके ऑनलाइन पोर्टल पर एंट्री का काम किया जाता है। परंतु इतनी बड़ी मात्रा में फर्जी एंट्री होने के बावजूद भी अब तक सर्वेयर के ऊपर किसी प्रकार की कोई भी जांच या कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते वह धान घोटाले में शामिल होने के बावजूद भी बच रहे हैं।
5 करोड़ की धान में हो गई थी एफआईआर
विदित है कि पूर्व में भी लगभग पांच समितियों के ऊपर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गई थी, जहां पर धान को फर्जी तरीके से पोर्टल पर चढ़ाया गया था, जबकि भौतिक रूप से उपार्जन केंद्रों पर धान नहीं पाई गई थी, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ 21 लाख रुपए थी। जिसके चलते केंद्र प्रभारी, ऑपरेटरों, प्रबंधकों सहित सर्वेयर पर भी एफआईआर दर्ज की गई थी।
सर्वेयर द्वारा की की जाती है पोर्टल पर एंट्री
जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में लगभग 71919 क्विंटल धान जिसकी कीमत लगभग 16 करोड़ 54 लाख 14 हजार 342 रुपए जो ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ी है, उसकी फर्जी एंट्री की गई है। जांच दल का कहना है कि धान की फर्जी एंट्री हुई है। गौरतलब है कि धान की फर्जी एंट्री को लेकर जो खुलासा हुआ है, उसमें सर्वेयर की भूमिका को छोड़ दिया गया है। जबकि बिना सर्वेयर के धान पास करे पोर्टल में एंट्री नहीं हो सकती है।
