नयी दिल्ली 24 मार्च (वार्ता) सेना के डॉक्टरों ने पांच दिन में 350 से अधिक मोतियाबिंद सर्जरी करने के साथ साथ 500 से अधिक उच्च मानक के चश्मे निशुल्क वितरित किये हैं।
रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि सेना ने 20 मार्च को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा स्थित 158 बेस अस्पताल में अत्याधुनिक नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। पांच दिन के इस शिविर में सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) नई दिल्ली, बेस हॉस्पिटल, दिल्ली कैंट और कमान हॉस्पिटल लखनऊ की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम ने पूर्व सैनिकों को उन्नत चिकित्सा सुविधा प्रदान की।
शिविर में कुल 1,752 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की मोतियाबिंद सहित विभिन्न नेत्र संबंधी बीमारियों की जांच की गई। पांच दिनों में कुल मिलाकर 350 से अधिक मोतियाबिंद सर्जरी की गयी। इसके अलावा, 500 से अधिक उच्च-मानक के चश्मे निःशुल्क वितरित किए गए। शीर्ष-स्तरीय उपकरणों और उच्च-गुणवत्ता वाले लेंसों के इस्तेमाल से यह सुनिश्चित किया कि रोगियों को सर्वोत्तम संभव देखभाल मिले। शिविर का सबसे बड़ा आकर्षण नेपाल से आए नेत्र रोगी थे। कुल 17 भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की नेत्र संबंधी बीमारियों की जांच की गई और उनमें से कुछ को उच्च गुणवत्ता वाले लेंस के साथ निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की गई।
इस पहल का नेतृत्व ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा ने किया जो नेत्र शल्य चिकित्सक और आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली में नेत्र रोग विभाग के प्रमुख हैं। ब्रिगेडियर एसके मिश्रा को एक लाख से अधिक सफल मोतियाबिंद, विट्रोरेटिनल, अपवर्तक और ग्लूकोमा सर्जरी करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और यहां तक कि नेपाल के विशाल क्षेत्र में फैले हिमालय की तलहटी में राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले दिग्गजों के दरवाजे पर विश्व स्तरीय उपचार पहुंचाया गया है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अनुरोध पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के निर्देशों के तहत इस शिविर का आयोजन किया गया।
