विधायक मालवीय को नोटिस लोकतंत्र की हत्या का संकेत : पटवारी

भोपाल, 24 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने ही एक विधायक डॉ चिंतामणि मालवीय को कथित अनुशासनहीनता के मामले में नोटिस दिए जाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक को नोटिस देना लोकतंत्र की हत्या का संकेत है और कांग्रेस किसानों एवं दलितों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

श्री पटवारी ने यहां संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि विधायक श्री मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी करना यह साबित करता है कि भाजपा में सच बोलना अपराध बन चुका है। यह दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक है और लोकतंत्र के लिए घातक है।

श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा श्री मालवीय को नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने लोकतंत्र के प्रति निष्ठा और अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के नाम पर किसानों की जमीन अस्थायी अधिग्रहण के बहाने स्थायी रूप से हड़पने की साजिश रची जा रही है। सिंहस्थ आस्था का केंद्र है, लेकिन सरकार और माफियाओं द्वारा किसानों की जमीन छीनना अन्यायपूर्ण है।

श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने जनता के हक की लड़ाई लड़ी, लेकिन भाजपा ने यह दिखा दिया कि जो सरकार के सरंक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसका सिर कुचल दिया जाएगा। ये कार्रवाई दर्शाती है कि भाजपा में लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कोई स्थान नहीं बचा है।

इसके पहले श्री पटवारी ने एक्स पर इससे जुड़ी खबर पोस्ट करते हुए कहा कि क्या सच बोलना भाजपा में अपराध है। विधायक डॉ चिंतामणि मालवीय ने जब सिंहस्थ भूमि अधिग्रहण के संबंध में विधानसभा में आवाज उठाई तो प्रदेश भाजपा ने उन्हें ही नोटिस जारी कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण, किसानों की भूमि के स्थायी अधिग्रहण और कॉलोनाइजरों और भू-माफियाओं की साजिश का मुद्दा उज्जैन का हॉट टॉपिक है क्योंकि, यहां के माफियाओं को सरकार का संरक्षण है। चाल, चरित्र और चेहरे की बातें करने वाले यदि जनप्रतिनिधियों को माफियाओं के सामने झूठा साबित करेंगे, तो सरकार की खराब छवि और ज्यादा दागदार होगी, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को अब इसकी चिंता नहीं है।

वहीं प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से की गई पोस्ट में इसी मुद्दे को लेकर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से सवाल किए गए हैं। इस पोस्ट में श्री नड्डा को संबोधित करते हुए कहा गया है कि क्या भाजपा अब पूरी तरह तानाशाही की राह पर चल पड़ी है। क्या पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया है। क्या किसानों के हक की बात करना अब भाजपा में अपराध बन गया है। क्या सच बोलना पार्टी के लिए बगावत माना जा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने किसान हित की आवाज उठाने वाले भाजपा के विधायक को नोटिस थमाकर साबित किया है कि पार्टी अब सच और न्याय के खिलाफ खड़ी है।

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