नयी दिल्ली 22 मार्च (वार्ता) रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा है कि अत्याधुनिक हथियारों और सहायक नियंत्रण प्रणाली से लैसे युद्धपोतों का देश में ही बनाया जाना युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में हमारी क्षमताओं और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
श्री सेठ ने शनिवार को गाेवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट 1135.6 श्रेणी के दूसरे फ्रिगेट ‘तवस्या’ के जलावतरण के मौके पर यह बात कही। इस पोत को श्रीमती नीता सेठ द्वारा रक्षा राज्य मंत्री और नौसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय जे सिंह की उपस्थिति में लॉन्च किया गया। इस पोत को भारतीय शिपयार्ड द्वारा स्वदेशी रूप से बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “यह लॉन्च भारतीय नौसेना के इतिहास में एक निर्णायक क्षण है, जो हमारी तकनीकी क्षमताओं और आत्मनिर्भरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, टारपीडो लांचर, सोनार और सहायक नियंत्रण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण घटकों का सफल स्थानीयकरण देश के पोत निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती मजबूती को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा, “ तवस्या का लॉन्च भारतीय नौसेना के लिए न केवल एक कदम आगे है, बल्कि भारत की रणनीतिक रक्षा महत्वाकांक्षाओं के लिए एक बड़ी छलांग है।”
महाभारत के महान योद्धा ‘भीम’ की गदा के नाम पर जहाज का नाम ‘तवस्या’ रखा गया है जो भारतीय नौसेना की अदम्य भावना और बढ़ती ताकत का प्रतिनिधित्व करता है।
रक्षा मंत्रालय और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के बीच जनवरी 2019 में दो प्रोजेक्ट 1135.6 फॉलो-ऑन फ्रिगेट बनाने के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। पहला जहाज ‘त्रिपुट’ पिछीले वर्ष 23 जुलाई को लॉन्च किया गया था। इन जहाजों को सतह, उप-सतह और हवाई युद्ध संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है। ‘त्रिपुट’ और ‘तवस्या’ 124.8 मीटर लंबे और 15.2 मीटर चौड़े हैं, जिनका ड्राफ्ट 4.5 मीटर है। इनका वजन करीब 3600 टन है और अधिकतम गति 28 समुद्री मील है।
‘त्रिपुट’ और ‘तवस्या’ में स्वदेशी उपकरण, हथियार और सेंसर का बड़ा हिस्सा है, जिससे भारतीय विनिर्माण इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादन सुनिश्चित होता है, जिससे देश में रोजगार और क्षमता वृद्धि होती है। ये पोत स्टेल्थ फीचर्स, उन्नत हथियार और सेंसर और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम से भी लैस हैं।
