संभागायुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देश
तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित
इंदौर: संभागायुक्त कार्यालय में आज सिंहस्थ को लेकर संभाग में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा बैठक की गई. बैठक में आयुक्त ने सभी अधिकारियों को समय सीमा में निर्माण और संधारण के काम पूरे करने के निर्देश दिए.आज संभागायुक्त दीपकसिंह ने संभाग के अधिकारियों के साथ गूगल मीट के माध्यम से समीक्षा बैठक ली. बैठक आगामी सिंहस्थ के निर्माण और संधारण कार्य की प्रगति रिपोर्ट पर रखी गई थी.
सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सबसे बड़े धार्मिक एवं आध्यात्मिक मेले सिंहस्थ का आयोजन होगा. इसके लिए तय समय सीमा में सड़क निर्माण से लेकर पुल-पुलिया निर्माण, ड्रेनेज, विश्राम गृह, यातायात पार्किंग, मेडिकल केयर, फायर सेफ्टी आदि कार्य कराना सुनिश्चित करें. सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें.
बैठक में संभागायुक्त सिंह ने कहा कि सिंहस्थ मेले में उज्जैन जाने वाले श्रद्धालु इंदौर से होते हुए ज्योर्तिलिंग औंकारेश्वर के साथ-साथ महेश्वर, मण्डलेश्वर, धार भोजशाला, धार की ऐतिहासिक बावड़ी, माण्डव, हनुवंतिया, असीरगढ़ किला, कट्ठीवाड़ा, सेंधवा किला आदि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर दर्शन एवं भ्रमण के लिए भी जाएंगे. इसके अलावा शहर में भी श्रद्धालु राजवाड़ा सहित पितृ पर्वत, लालबाग पैलेस, खजराना गणेश मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, बिजासन टेकरी सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर दर्शन एवं पर्यटन के लिए पहुंचेंगे.
अतः इन सभी धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर शुद्ध पेयजल, विश्राम के लिए छायादार स्थल, शौचालय, पार्किंग आदि की पर्याप्त व्यवस्था करने की योजना बनाएं. बैठक में कलेक्टर आशीष ?सिंह, आईजी अनुराग, निगम आयुक्त शिवम वर्मा, आईडीए सीईओ आर.पी. अहिरवार, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, संयुक्त आयुक्त सपना लोवंशी, लोक निर्माण विभाग मुख्य अभियन्ता सी.एस. खरत, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल उपस्थित थे। गूगल मीट के माध्यम से धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खड़वा, खरगोन तथा बुरहानपुर जिलों के सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
मूलभूति सुविधाएं जुटाना जरूरी
बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन, हवाई सेवा एवं रेल सेवा की दृष्टि से भी इंदौर महत्वपूर्ण केन्द्र है. यह उज्जैन से महज 56 किलोमीटर की दूरी पर है. व्यावसायिक दृष्टि से भी इंदौर सबसे बड़ा बाजार है, इसलिए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे. इसको देखते हुए शहर में भी मूलभूत सुविधाएं जुटाना जरूरी है.
अस्थाई आश्रय स्थल भी निर्मित करें
संभागायुक्तने प्रयागराज कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रशासन ने अस्थाई यातायात पार्किंग की व्यवस्था मेला स्थल से कई किलोमीटर दूर की थी. इसकी वजह यह थी कि पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं हो. सिंहस्थ मेले में रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा हेतु होल्डिंग एरिया बनाया जाएं. ओंकारेश्वर सहित महेश्वर एवं मण्डलेश्वर के घाटों की सफाई का ध्यान रखें.
संभाग में आने वाली नर्मदा सहित क्षिप्रा, गंभीर, माही, अनास, ताप्ती की सफाई सुनिश्चित से पर हो. साथ ही डॉक्टर एवं नर्सेस की निरंतर उपस्थिति के साथ चलित मेडिकल यूनिट स्थापित करने की व्यवस्था करें. चिकित्सकीय सुविधाओं में ऑक्सीजन, दवाईयां एवं सीपीआर की पर्याप्त उपलब्धता एवं आपातकालिक परिस्थितियों में अस्थायी चिकित्सकीय व्यवस्था की जाए. श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई बस स्टैंड, सार्वजनिक एवं निजी वाहनों के पार्किंग, अस्थाई आश्रय स्थल भी निर्मित करें.
