
नर्मदापुरम। तवा डेम में वर्तमान में 946 एमसीएम पानी की उपलब्धता है। जिले में मूंग फसल के लिए अब किसानों को पानी की जरूरत महसूस होने लगी है। किसानों के खेतों को पानी से तर करने के लिए जिला प्रशासन ने तारीखें प्रस्तावित कर दी हैं। अप्रैल माह में जिले के चार अलग-अलग सूबों के लिए अलग-अलग तारीखें प्रस्तावित कर दी हैं। कलेक्टर कार्यालय नर्मदापुरम में कलेक्टर सोनिया मीना की अध्यक्षता में ग्रीष्मकालीन मूंग सिंचाई हेतु जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई।
यह तारीखें हुई तय
बैठक में हरदा जिले हेतु बायीं तट मुख्य नहर से 27 मार्च 2025, तवा नहर संभाग सिवनी मालवा की रायगढ, मकढई एवं भिलाडियां नहरों के लिए 1 अप्रैल 2025, मिसरोद उपसंभाग डोलरिया के लिए 3 अप्रैल 2025, तवा परियोजना संभाग इटारसी के लिए 5 अप्रैल 2025 तथा पीबीसी संभाग सोहागपुर हेतु दायीं तट मुख्य नहर से 8 अप्रैल 2025 से जल प्रवाह शुरू करने के लिए तिथियां प्रस्तावित की गई। इस दौरान कलेक्टर ने समिति के सदस्यों को अवगत कराया कि नहर खोलने की अंतिम तिथि का निर्णय संभागीय बैठक उपरांत संभागायुक्त नर्मदापुरम संभाग कृष्ण गोपाल तिवारी द्वारा लिया जाएगा।
पानी की पर्याप्त उपलब्धता
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री (ईई) ने तवा जलाशय की वर्तमान जल संग्रहण स्थिति 946 एमसीएम होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तवा डेम में पर्याप्त पानी है।
