हरीश राठोड़
पेटलावद: भगोरिया पर्व का उत्साह पेटलावद नगर में देखा गया। नगर में अलग अलग स्थानों पर तीन गेर निकाली गई।जिसमें ढोल मांदल की थाप पर नाचते गाते युवा निकले। जहां पर नया बस स्टेंड श्रद्वाजंली चौक पर युवा आदिवासी संगठन ने श्रद्वाजंली चौक पर मोमबत्ती जला कर भगोरिया की गैर निकाली गई। जिसमें युवाओं के साथ महिलाओं और वरिष्ठजनों ने भाग लेते हुए। जयस की गैर में लगभग 20 ढोल थे।
साथ ही पीले झंडे लेकर युवा चल रहे थे। युवा देशी वाद्य यंत्र ढोल,मदाल, थाली, बांसुरी की धुन पर नृत्य करते दिखे। महिलाओं ने पांरपरिक वेष भूषा में सिर पर आकर्षक टोपलियां रख कर नृत्य करते हुए निकले। जयस के प्रकाश डामोर, दयाराम ,राजू वसुनिया, दिनेश गरवाल, अमरसिंह देवडा, संदीप वसुनिया, पवन खराडी, राहुल मुडिया,मनोज डामर सहित सैकडो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कलाकारों ने मनमोहा
भगोरिया हाट में गैर निकाली गई। जिसमें बाग के कलाकारों के द्वारा आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति दी गई, इसके साथ ही हरदा जिले के दल ने कोरकु नृत्य की प्रस्तुती तो छिदंवाडा के दल ने बडे ढोल हडम पर प्रस्तुती दी। भील भगोरिया नृत्य झाबा के दल के कैलाश सिसोदिया को लोक संस्कृति को बढावा देने के लिए तीन बार मप्र के राज्यपाल के द्वारा प्रथम पुरस्कार किया गया।
