मुंबई, (वार्ता) केयरएज रेटिंग्स की राय में भारत में संस्थानों और बड़े संगठनों के लायक कार्यस्थलों की मजबूत मांग और उनमें निवेशकों की बढती रुचि को देखते हुए अचल संम्पत्ति बाजार में रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रेइट)-योग्य संपत्तियों के विस्तार के मजबूत अवसर मौजूद हैं।
केयरएज रेटिंग्स की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 और उसके भी भारत में रेइट पोर्टफोलियो का निरंतर विस्तार जारी रहने की उम्मीद है।
केयरएज रेटिंग्स की एक विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय कार्यालय स्थलों के रेइट से जुड़े बाजार खंड में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। कैलेंडर वर्ष 2024 में समाप्त छह वर्षों में रेइट वाले उपयोग लायक कार्यालय स्थलों की भौतिक उपलब्धता (स्टॉक) साल दर साल सात प्रतिशत की दर से बढ़ा है। इसके अतिरिक्त, रेइट ने भारत के शीर्ष आठ शहरों में कुल कार्यालय स्टॉक का लगातार नौ प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, जो वाणिज्यिक अचल संपत्ति में रेइट-सम्पत्तियों की बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।
केयरएज रेटिंग्स के कॉर्पोरेट और इंफ्रा रेटिंग्स की वरिष्ठ निदेशक और प्रमुख राजश्री कुरकुटे ने कहा,“भारतीय रेइट बाजार निरंतर विस्तार के लिए तैयार है, जो आगामी रेइट संपत्तियों की घोषणाओं और उच्च गुणवत्ता वाली रेइट -योग्य परिसंपत्तियों की प्रचुर उपलब्धता के मिले जुले प्रभाव से प्रेरित है। यह वृद्धि ग्रेड निकट भविष्य में आने वाली ए वाणिज्यिक अचल संपत्ति की मजबूत सूची और विविध क्षेत्रों में निवेशकों की बढ़ती रुचि से प्रेरित होने की उम्मीद है।”
भारत में 2019 में एम्बेसी रेइट के प्रारंभ के साथ रेइट खंड में अब कई बड़े रेइट परिचालक आ गए हैं। उसके बाद से रेइट बाजार में 2020 में माइंडस्पेस और ब्रुकफील्ड रेइट आए। वर्ष 2023 में नेक्सस रेइट ऐसा पहला खुदरा निवेश पर केंद्रित रेइट रहा जो घरेलू शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया गया। नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट को भी 2025-26 के पहली छमाही में बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी में है।
वित्तीय दृष्टिकोण से, भारतीय रेइट एक रूढ़िवादी उत्तोलन प्रोफ़ाइल बनाए रखते हैं, 31 दिसंबर, 2024 तक शुद्ध ऋण से सकल परिसंपत्ति मूल्य (जीएवी) अनुपात 28 प्रतिशत होगा। इसके अलावा, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लागू किए गए कड़े नियमों ने आरईआईटी की संरचनात्मक अखंडता को मजबूत किया है, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर बाहरी ऋण प्राप्त करने में मदद मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर, 2024 को शुद्ध ऋण का सकल संपत्ति मूल्य (जीएवी) का अनुपात 28 प्रतिशत था जो इनकी मजबूत स्थित को दर्शाता है। इसके अलावा, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लागू किए गए कड़े नियमों से रेइट की संरचनात्मक व्यवस्था मजबूत हुई है।
