
यरूशलम, 10 मार्च (वार्ता) हमास ने गाजा पट्टी में बिजली आपूर्ति बंद करने के इजरायल के फैसले को ‘सस्ता ब्लैकमेल’ और गाजा पट्टी में संघर्ष विराम समझौते का ‘स्पष्ट उल्लंघन’ करार दिया है।
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य इज्जत अल-रिशेक ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा, “बिजली आपूर्ति में कटौती, क्रॉसिंग बंद करना, सहायता, राहत और ईंधन के प्रवेश को रोकना और हमारे लोगों को भूखा रखना सामूहिक दंड देने का प्रयास है, जो एक पूर्ण अपराध है।” उन्होंने इसे सस्ती और अस्वीकार्य ब्लैकमेल नीति के माध्यम से फिलिस्तीनी लोगों पर दबाव और प्रतिरोध पर बढ़ाने का हताश प्रयास कहा।
इजरायली ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने रविवार को कहा कि उन्होंने हमास पर और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए दबाव बनाने के एक कदम के रूप में गाजा पट्टी में बिजली की आपूर्ति को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है।
अल-रिशेक ने इजरायल इलेक्ट्रिसिटी कंपनी के अनुसार, वर्तमान में गाजा पट्टी के सभी क्षेत्रों में बिजली नहीं है, जहां हाल ही में केवल सीवेज सिस्टम के संचालन के लिए बिजली की आपूर्ति की गयी है। इजरायल ने दो मार्च को गाजा पट्टी में मानवीय सहायता की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की तथा गाजा पट्टी में युद्ध विराम का विस्तार करने और शेष बंधकों को रिहा करने की नयी अमेरिकी योजना को स्वीकार करने से इनकार करने के लिए हमास पर और दबाव डालने की धमकी भी दी।
गौरतलब है कि गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में इजरायली बंधकों की रिहाई पर इजरायल और हमास के बीच एक समझौते के हिस्से के रूप में 19 जनवरी से एक मार्च तक युद्ध विराम प्रभावी था। फिलिस्तीनी समूहों ने छह सप्ताह के दौरान 30 जीवित बंधकों को मुक्त किया है और आठ मृतकों के शव सौंपे हैं। बदले में, इजरायल ने आतंकवाद के लिए आजीवन कारावास की सजा पाने वालों सहित लगभग 1,700 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया और सेना ने गाजा पट्टी के आंतरिक क्षेत्रों से वापसी कर ली।
वर्तमान में, हमास ने गाजा पट्टी में 59 अन्य बंधकों को कैद कर रखा है, जिनमें से लगभग आधे को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया है।
