श्रीनगर, 09 मार्च (वार्ता) जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कठुआ जिले की स्थिति को ‘चिंताजनक’ बताते हुए कहा है कि कुछ विघटनकारी तत्व सीमा के भीतर और पार ‘सांप्रदायिक तनाव’ भड़का सकते हैं।
गौरतलब है कि तीन व्यक्ति जोगेश सिंह (35) निवासी मरहून, दर्शन सिंह (40) व बरून सिंह (14), दोनों देहोटा बिलावर निवासी, सात मार्च को एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद लापता हो गए थे, और उनके शव शनिवार को बिलावर के ऊपरी इलाकों से बरामद किए गए।
सुश्री मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,“कठुआ में स्थिति बेहद चिंताजनक है। थोड़े समय के अंतराल में मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के लगभग 12 लोगों की जान चली गई है। उनमें से पांच का कथित तौर पर पुलिस और गौरक्षकों द्वारा पीछा किया गया, जिसके कारण दुर्घटनाएँ हुईं। बाद में, हिंदू समुदाय के दो सदस्यों के शव बरामद किए गए, इसके बाद कल तीन और शव मिले, जिनमें एक चौदह वर्षीय बच्चे का दिल दहला देने वाला मामला भी शामिल है जबकि पुलिस माखन दीन जैसे पीड़ितों से झूठे बयान निकलवाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करती है, असली अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।”
उन्होंने कहा,“आज तक लगभग 30 व्यक्तियों पर पीएसए या यूएपीए के तहत आरोप लगाए गए हैं, अक्सर बहुत कम या बिना किसी सबूत के। ऐसे संकेत हैं कि सीमा के भीतर और उस पार सक्रिय कुछ विघटनकारी तत्व इस संवेदनशील सीमावर्ती जिले में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।”
सुश्री मुफ्ती ने कहा,“अधिकारियों को वास्तविक अपराधियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए तेजी से तथा विवेकपूर्ण तरीके से कार्य करना चाहिए, ताकि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखा जा सके।”