
15 लाख रुपये और लैपटॉप बरामद, थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित
भोपाल 5मार्च। राजधानी में पहली बार एक पुलिसकर्मी के घर पुलिस अधिकारियों ने छापा मारा है। कॉल सेंटर मामले में लाइन अटैच हुए एएसआई पवन रघुवंशी के घर पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने पवन रघुवंशी के घर से 15 लाख रुपये, लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किए हैं। स्टॉक मार्केट निवेश घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में टीआई जितेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी और दो अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ऐशबाग पुलिस ने पिछले दिनों एक कॉल सेंटर पर छापा मारा था। इस कार्रवाई में कई त्रुटियां पाई गईं। इस मामले में आरोपी अफजल खान को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। वह तीन दिन की रिमांड पर है और उससे पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई में देरी के चलते तीन दिन पहले ही एएसआई पवन रघुवंशी को लाइन अटैच किया गया था। टीआई जितेंद्र गढ़वाल और एएसआई पवन रघुवंशी पर एनडीपीएस की फर्जी कार्रवाई करने का भी आरोप लगा था। उन पर आरोप है कि उन्होंने जुए की बंदी नहीं देने पर जुआरी फरहान खान पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस मामले में भी शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची थी।
करोड़ों के लेन-देन का खुलासा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि अफजल खान के खातों में देश भर में की गई ठगी के करीब एक करोड़ रुपए के लेन-देन भी हो चुके हैं। आरोपी के स्वयं के नाम तीन खाते हैं, जबकि अन्य खाते उसके रिश्तेदारों और कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के हैं। जिन्हें वह साइबर ठगी में इस्तेमाल किया करता था।
29 युवक-युवतियों के नाम भी सामने आए
एसीपी सुरभि मीणा ने बताया कि शुरुआती जांच में 40 खातों की जानकारी सामने आई है। मास्टर माइंड अफजल ने इसमें अपने तीन खाते बताए हैं। बाकी खाते कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम खुलवाए गए थे। कॉल सेंटर में काम करने वाले 29 युवक-युवतियों के नाम सामने आ गए हैं। सोमवार को इन सभी खातों की जानकारी संबंधित बैंक से ली जाएगी।
जिनके नाम खाते हैं उनकी भूमिका की भी जांच
जिनके नाम खाते हैं उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है, इन युवक और युवतियों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भी मांगेगी। आरोपी के पास से कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन सभी को जांच में लिया गया है। आरोपी के परिवार के बाकी सदस्यों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। टीकमगढ़ में भी पुलिस ने दबिश दी है। जिसमें कई लोगों से पुछताछ की जा रही है।
इनका कहना है
कार्रवाई में देरी के कारण निलंबन का आदेश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला एक स्टॉक मार्केट निवेश घोटाले से संबंधित है, जिसमें देश भर के लोगों को ठगा गया था। यह घोटाला प्रभात चौराहे पर एक इमारत में चलाया जा रहा था।
हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त
