यरुशलम, 05 मार्च (वार्ता) इजरायल के शोधकर्ताओं ने इंसान के शरीर के कैंसर के फैलाव के स्तर को पता लगाने के लिए नयी विधि ‘टोमोग्राफी’विकसित की है जिसके माध्यम से ऊतकों में गहरी आणविक प्रक्रियाओं पर बिना चीरफाड़ नजर रखा जा सकेगा।
इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टेक्नियन) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इस विधि को ‘रासायनिक टोमोग्राफी’ कहा जाता है, जो शोधकर्ताओं को विभिन्न चरणों में कैंसर की प्रगति को ट्रैक करने, कैंसर जीव विज्ञान को बेहतर ढंग से समझने और कैंसर के फैलाव में शामिल जैव रासायनिक मार्गों, चयापचय मार्करों और आणविक प्रक्रियाओं का मानचित्रण करने की अनुमति देता है। यह विधि ग्राफीन-आधारित सेंसर सारणी का उपयोग करके साँस, लार, पसीने और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों में वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (वीओसी) का विश्लेषण करके ऊतक कार्य में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है, जिसमें ग्राफीन सेंसर आंख के रूप में कार्य करते हैं और डेटा को संसाधित करने के लिए जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मस्तिष्क के रूप में कार्य करता है।
यह ऑर्गेनोइड्स और थ्री डी सेल-आधारित मॉडल में संरचनात्मक और आणविक परिवर्तनों की निरंतर निगरानी की अनुमति देता है ( जो प्राकृतिक ऊतकों की विशेषताओं को दोहराते हैं), जो जैव चिकित्सा अनुसंधान में महत्वपूर्ण हैं। मौजूदा तकनीकों के विपरीत (जो अक्सर ऊतकों को नुकसान पहुंचाती हैं या गहरी ऊतक प्रक्रियाओं की निगरानी करने में विफल रहती हैं) यह विधि कम लागत वाली, सटीक और बिना चीरफाड़ वाला समाधान प्रदान करती है। अध्ययन में, मानव स्तन ऊतक ऑर्गेनोइड की वीओसी निगरानी ने स्वस्थ ऊतकों के कैंसरग्रस्त ऊतकों में संक्रमण से जुड़े प्रोटीन और जीनोमिक डेटा का खुलासा किया। कैंसर अनुप्रयोगों से परे, इस पद्धति में विभिन्न अंगों में समस्याओं का निदान और वास्तविक समय के स्वास्थ्य डाटा को बाहरी निगरानी प्रणाली में संचारित करने की क्षमता है, जिससे व्यक्तिगत चिकित्सा और प्रारंभिक रोग का पता लगाने में तेजी आने की उम्मीद है।
