छोटे तेल कुओं में स्टार्टअप और उद्यमियों की भागीदारी का अमेरिकी मॉडल लागू हो : अग्रवाल

नई दिल्ली 28 फरवरी (वार्ता) पेट्रोलियम समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाले वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने असम के विकास की प्रतिबद्धता दुहराते हुए आज राज्य के छोटे तेल कुओं में स्टार्टअप एवं उद्यमियों की सक्रिय रूप से भाग लेने का अमेरिकी मॉडल लागू करने का सुझाव दिया।

श्री अग्रवाल ने एडवांटेज असम 2.0 में अपनी भागीदारी के बाद शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए असम की अपार आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित किया और राज्य की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने असम की विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और चाय उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने असम को विश्व स्तरीय तेल उत्पादक केंद्र में बदलने की रूपरेखा भी पेश की।

वेदांता समूह के अध्यक्ष ने असम के तेल और गैस उद्योग की रणनीतिक क्षमता को उजागर करते हुए अमेरिका के समान एक मॉडल अपनाने का सुझाव दिया, जहां छोटे तेल कुएं स्टार्टअप्स और उद्यमियों को सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा, “बड़ी चीजें छोटे पैकेज में आती हैं और इस क्षेत्र की पूरी क्षमता को अनलॉक करने के लिए सरलीकृत मंजूरी, वित्तीय प्रोत्साहन और उन्नत अन्वेषण प्रयासों की जरूरत है।” उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने से भारत की आयात निर्भरता कम होगी और ऊर्जा लागत घटेगी।

श्री अग्रवाल ने ऊर्जा क्षेत्र के अलावा असम के चाय उद्योग की विशाल संभावनाओं को भी रेखांकित किया, जो भारत के कुल उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। उन्होंने छोटे और मध्यम आकार के चाय बागानों को प्रोत्साहन देने, विनियामक बाधाओं को कम करने, और वैश्विक बाजारों के लिए बुटीक चाय ब्रांडों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया, जिससे नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।

वेदांता समूह के अध्यक्ष ने असम की विविध सांस्कृतिक विरासत की भी प्रशंसा की और झुमोर बिनंदिनी कार्यक्रम में भाग लिया, जहां 8,000 चाय समुदाय के सदस्यों ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस अनुभव को ‘जीवन में एक बार होने वाला क्षण’ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ढोमसा ड्रम बजाने से पूरा स्टेडियम जीवंत हो गया।

वेदांता समूह की सहायक कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस ने असम के तेल और गैस अन्वेषण में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की, जिसका उद्देश्य दैनिक एक लाख बैरल उत्पादन और एक लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके अलावा, वेदांता की सीएसआर पहल, जैसे नंद घर, डिजिटल क्लासरूम और हथकरघा कौशल केंद्र, असम के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

वेदांता समूह के प्रवक्ता ने कहा कि एडवांटेज असम 2.0 के तहत नए अवसर खुल रहे हैं, और वेदांता असम को एक प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक केंद्र में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

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