भुवनेश्वर, (वार्ता) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य ने अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 6.1 प्रतिशत पूंजीगत व्यय पर खर्च किया है, जो देश में सबसे अधिक है।
गुरुवार को विभिन्न विभागों के व्यय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने का सुझाव दिया कि चालू वित्त वर्ष (2024-25) के अंत तक कुल व्यय कम से कम 85 प्रतिशत तक पहुंच जाए।
उन्होंने कहा कि 2023-24 में कुल व्यय कुल बजट का 81 प्रतिशत था।
श्री माझी ने कहा “ हमारा लक्ष्य कृषि अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है, जिसके लिए व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि इस साल चुनाव, नई सरकार के कार्यभार संभालने और सितंबर में पूर्ण बजट पेश किए जाने के कारण खर्च प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विभागीय मंत्रियों को व्यय प्रस्तावों की तुरंत समीक्षा करने और आवश्यक मंजूरी देने की सलाह दी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लंबित भुगतान नियमों के अनुसार तुरंत वितरित किए जाएं।
श्री माझी ने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम व्यय और पूंजीगत व्यय सबसे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे रोजगार पैदा करते हैं और विकास को गति देते हैं।
बैठक में बताया गया कि कृषि, मत्स्य पालन और पशुधन, स्वास्थ्य, जल संसाधन, निर्माण, विकलांग और सामाजिक न्याय, आपूर्ति और सहकारिता जैसे विभागों ने व्यय के मामले में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों में भी खर्च बढ़ाने का सुझाव दिया।
बैठक में मंत्रिपरिषद के कई सदस्य, मुख्य सचिव मनोज आहूजा, विकास आयुक्त अनु गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
