आलीराजपुर/उदयगढ़: जिले के उदयगढ़ स्थित शासकीय कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं का सोमवार को जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। छात्राएं अपनी बात सीधे कलेक्टर के सामने रखने पर अड़ी रहीं। रास्ते में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने कई बार उनकी समस्या जानने का प्रयास किया, लेकिन छात्राओं ने एक ही बात दोहराई—”हम अपनी बात सिर्फ कलेक्टर के सामने ही रखेंगे।”
कुछ देर बाद कलेक्टर नीतू माथुर स्वयं मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत की, उन्हें समझाया और प्रशासनिक वाहनों से वापस विद्यालय भिजवाया। साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण कराने का भरोसा भी दिया।
कलेक्टर से संपर्क का प्रयास, लेकिन नहीं हो सकी बात
घटना के संबंध में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए इस संवाददाता ने कलेक्टर नीतू माथुर से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इसलिए छात्राओं द्वारा उठाए गए मुद्दों और प्रशासनिक कार्रवाई पर उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
भोजन व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
इस घटनाक्रम के बाद उदयगढ़ क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि छात्रावास में छात्राओं को समय पर और व्यवस्थित भोजन नहीं मिलने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोग इसी मुद्दे को छात्राओं की नाराजगी की एक प्रमुख वजह मान रहे हैं।
पहले भी उठ चुके हैं छात्रावासों पर सवाल
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले जिले के एक अन्य छात्रावास में भी भोजन और व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया था, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। ऐसे में सोमवार की घटना ने एक बार फिर जिले के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी निगाहें जांच पर
फिलहाल प्रशासन ने छात्राओं को आश्वस्त कर स्थिति सामान्य कर दी है, लेकिन पूरे घटनाक्रम के पीछे की वास्तविक वजह क्या है, इसका जवाब अभी सामने आना बाकी है। यदि भोजन व्यवस्था या छात्रावास संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो यह मामला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
