
जबलपुर। मझौली के ग्राम कोनीकला में तीन साल पहले अपने पिता की जीजा व साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी पुत्र कविराज सिंह राजपूत को सिहोरा की अदालत ने दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश सैफी दाउदी की अदालत ने कविराज व अभिषेक राजपूत को आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
अदालत के समक्ष शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिलावर धुर्वे ने पक्ष रखा। जिन्होंने अदालत को बताया कि फरियादी मायाबाई ने 19 जून 2022 को पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी। जिसमें उसने बताया था कि धर्मेन्द्र भूमिया ने सूचना दी कि कैथे के पेड़ के पास एक अज्ञात लाश पड़ी है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उक्त लाश का धड़ था, लेकिन सिर व आधा हाथ गायब था। पुलिस ने जांच दौरान ग्राम मुरगवां थाना कटंगी में एक कटा हुआ सिर एवं हाथ बरामद किया था। पुलिस ने उक्त लाश की पहचान मनोज सिंह राजपूत के रूप में की थी, जो कि आरोपी कविराज सिंह राजपूत का पिता था।
