राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव मदद करने तत्पर: शुक्ला

भोपाल, 25 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य सरकार निवेशकों के साथ भागीदारी के लिये उत्सुक है। सरकार प्रतिबद्धतापूर्वक निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए निवेशकों के साथ सदैव पूरी गंभीरता के साथ सहयोग करेगी।

श्री शुक्ला ने यह बाते मुरैना सोलर प्रोजेक्ट-1 और 2 के प्री-विड के सेशन को संबोधित करते हुए कही। अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने इन प्रोजेक्ट के संबंध में निवेशकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दिये। उन्होंने कहा कि निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में उनके द्वारा किये गये निवेश की सुरक्षा की पूरी गारंटी है। उन्होंने कहा कि मुरैना क्षेत्र में सोलर पार्क में निवेश करने वालों के लिये अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।

श्री शुक्ला ने कहा कि जीआईएस-2025 भोपाल में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का आना इस बात का द्योतक है कि मध्यप्रदेश निवेश के लिये अनुकूल राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिये नये अध्याय की शुरूआत की है। उन्होंने निवेश के आकर्षित करने के लिये विभिन्न अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव का आयोजन कर एक नया इतिहास रचा है। इससे प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के नए द्वार खुले है। मुख्यमंत्री की इस नवाचारी सोच के परिणाम स्वरूप आज भोपाल जीआईएस में बहुत बड़ी संख्या में निवेशकों की उपस्थिति दर्शा रही है कि आत्म-निर्भर भारत के योगदान में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।

प्री-विड सेशन के पहले सत्र में मुरैना में 300-300 मेगावॉट की 2 यूनिटों की स्थापना के संबंध में एसीएस मनु श्रीवास्तव ने बताया कि प्राजेक्ट के लिये एशियन डेव्हलपमेंट बैंक द्वारा ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) और मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिड में शामिल होने वाले सभी निवेशकों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया जाएगा। विडर्स की ओर से 7 मार्च तक क्वेरीस भेजी जा सकती है। इनका जबाव 17 मार्च तक दिया जाएगा। फाइनल बिड डॉक्यूमेंट सक्षम अनुमोदन के बाद 24 मार्च तक प्रस्तावित है। 7 अप्रैल तक प्रस्ताव दिये जा सकेंगे। ऑक्शन संबंधी प्रोसेस 21 अप्रैल तक होगी। 5 मई 2025 को प्रोजेक्ट के एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की संभावित तिथि तय की गई है।

प्री-बिड सेशन के दूसरे चरण में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के संयुक्त परियोजना के बारे में जानकारी दी जाकर बिडर्स से चर्चा की गई। परियोजना में 200-200 यूनिट की चार यूनिट स्थापित की जाना प्रस्तावित है। इनसे उत्पादित ऊर्जा का मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की जनता को 6-6 महीने लाभ मिलेगा। यूनिट स्थापना के लिये मध्यप्रदेश द्वारा सम्पूर्ण भूमि आवंटित की जाएगी। 2 हजार 893 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के लिये 28 मार्च 2025 से प्रक्रिया प्रारंभ होगी। जिसमें 14 जुलाई 2025 को एग्रीमेंट करने की संभावित तिथि तय की गई।

मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमनवीर सिंह बैस ने प्री-विड सेशन के तीसरे चरण में जानकारी देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाएं जाएंगे। इसमें प्रत्येक जिले के लिये पृथक-पृथक रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कम्पनी निर्धारित होगी। इसमें प्रत्येक जिले की बिजली की दरें अलग होंगी। इनका भुगतान जिले स्तर से ही कोषालय द्वारा किया जाएगा। सेशन में छिन्दवाड़ा, सिवनी और धार जिले की चर्चा हुई। बताया गया कि छिन्दवाड़ा में 800, सिवनी में 600 और धार 830 मेगावॉट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है।

 

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