राजधानी आए आचार्य विषद सागर महाराज,भव्य अगवानी

भोपाल,पंचायत कमेटी ट्रस्ट भोपाल के अध्यक्ष मनोज बांगा मंत्री मनोज आर एम ने बताया कि परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के प्रथम दीक्षित शिष्य क्षमा मूर्ति आचार्य विषद सागर जी महाराज ससंघ का भोपाल में प्रथम बार अगवानी आज प्रातः बस स्टेंड चौराहे पर हुई।

आज प्रातः भानपुर से चोक के लिए पद विहार हुआ तत्पश्चात बस स्टेंड चौराहे पर पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज बांगा के नेतृत्व में जैन समाज के लोगों ने मंगल अगवानी की

बैंड बाजे एवं जैन ध्वजा लेकर पूज्य आचार्य श्री की अगवानी की गई जगह जगह समाज जन ने रंगोली सजाकर आचार्य संघ की अगवानी की।श्रद्धालु जन ने आचार्य श्री की आरती उतारी एवं उनके पाद प्रक्षालन किया ।

आचार्य श्री के संघ में 8 पीछी धारी मुनिराज सम्मिलित हैं

आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जब तक मुनियों का सम्मान रहेगा तब तक जैन धर्म रहेगा दिगंबर जैन मुनि की चर्या जैन धर्म की प्रभावना बढ़ाती हैं

श्रावक जब कही जाते हैं तो उन्हें बताना पड़ता है कि हम दिगंबर जैन है जबकि कोई मुनि यदि कही से निकल जाए तो हर व्यक्ति जान जाता है कि यह दिगंबर मुनिराज है

*भक्ति श्रद्धा से मना केवलज्ञान कल्याणक*

इधर,जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का केवल जान कल्याणक महोत्सव पूज्य आचार्य श्री विषद सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में धूम धाम से मनाया गया।

मूलनायक आदिनाथ भगवान का अभिषेक भक्तों ने किया साथ ही चांदी की झारी से शांतिधारा की गई पूज्य आचार्य श्री के मुखारविंद से शांति धारा पड़ी गई । इसके बाद

पूज्य आचार्य श्री के प्रवचन हुए

जिसमें उन्होंने बताया कि आदिनाथ भगवान ने किस तरह केवल ज्ञान हुआ।

केवल ज्ञान होने पर जीव को तीनों लोक के सभी पदार्थ झलकने लगते हैं।

 

 

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