कलेक्टर ने ली राजस्व अधिकारियों की बैठक
सुशासन संवाद केंद्र ने किया अपना कार्य प्रारंभ
इंदौर: जिले में आवेदकों की संतुष्टि के साथ समय पर राजस्व प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा. राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. जिले में कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर राजस्व प्रकरणों के निराकरण के संबंध में आवेदकों से उनका फीडबैक लेने और संतुष्टि का स्तर पता करने के लिए सुशासन संवाद केंद्र की स्थापना की गई है. इस केंद्र ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है. जिले में आज राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है।
कलेक्टर आशीष सिंह ने आज यहां सभी अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी पूरी लगन, मेहनत, ईमानदारी, कर्मठता के साथ सुविधापूर्वक पारदर्शी रूप से कार्य करें. सभी अधिकारी राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में करें। अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही तथा उदासीनता नहीं बरतें। उदासीनता और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही तथा उदासीनता बरतने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी. राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर आज महू क्षेत्र के दो और देपालपुर क्षेत्र के एक पटवारी को निलंबित किया गया है। जिन्हें निलंबित किया गया है उनमें महू क्षेत्र के नागेंद्र ग्वाले, श्री आकाशदीप भरकुण्डिया और देपालपुर क्षेत्र की अर्चना सांवले शामिल है. बैठक में अपर कलेक्टर गौरव बेनल, रोशन राय, राजेन्द्र रघुवंशी, निशा डामोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
आवेदकों को भटकना नहीं पड़े
बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने विवादित तथा अविवादित नामांतरण और बटवारा, सीमांकन के लंबित प्रकरणों के निराकरण की अधिकारीवार प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिये कि सभी राजस्व प्रकरण निर्धारित समय-सीमा में निराकृत किया जाये. ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये जिससे कि आवेदकों को परेशान नहीं होना पड़े. उनका कार्य सहजता के साथ पारदर्शी रूप से समय पर हो. उन्हें अपने कार्यों के लिये भटकना नहीं पड़े. प्रत्येक आवेदक से आवेदन पर उनका फोन नंबर लिखवाया जाए. सुशासन संवाद केंद्र से इस फोन पर चर्चा कर फीडबैक और संतुष्टि का स्तर पता किया जाएगा। यह भी पता किया जाएगा कि उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हुई है. आवेदकों के फीडबैक और संतुष्टि स्तर को पंजीबद्ध भी किया जाएगा
