
नवभारत न्यूज
रीवा, 22 फरवरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान के मार्गदर्शन में शासकीय ठाकुर रणमत सिंह कालेज में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया.
शिविर का शुभारंभ करते हुए जिला न्यायाधीश सुधीर सिंह रौठार ने कहा कि हम सबको अपने कर्तव्यों का भलीभांति निर्वहन करना चाहिए. देश के संविधान की पूरी जानकारी रखकर वैधानिक नियमों के अनुसार व्यवहार करना चाहिए. अपराध और नशे की प्रवृत्ति से स्वयं को दूर रखें. महिलाओं की गरिमा के विरूद्ध कोई कार्य न करें. अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करने के साथ देश की सेवा के लिए भी सदैव प्रयत्न करें. न्यायाधीश ने पाक्सो अधिनियम के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी. साक्षरता शिविर में न्यायाधीश रवीश रंजन चौबे ने कहा कि नशे से तन, मन और धन का नाश होने के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है. नशे का अवैध व्यापार करने वालों के विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जाती है. न्यायाधीश ने विद्युत नियमन अधिनियम के प्रावधानों की भी जानकारी दी. जिला विधिक सहायता अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने नि: शुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी. न्यायाधीश मंजूर अहमद मंसूरी ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों तथा लोक अदालत के आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी. कार्यक्रम में आरती तिवारी ने दहेज निषेध अधिनियम तथा महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों की जानकारी दी एवं किस प्रकार से अपने हक की लड़ाई लड़ सकते है इसके बारे में बताया गया. कार्यक्रम का संचालन डॉ मनीष कुमार शुक्ला द्वारा किया गया है. कार्यक्रम में डॉ कमलेश मिश्रा, प्राचार्य श्रीमती अर्पिता अवस्थी, डॉ महानंद द्विवेदी सहित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे.
