
नई दिल्ली, 19 फरवरी (वार्ता) अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) ने कथित प्रतिभूति धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में अडानी समूह के संस्थापक गौतम अडानी और उनके भतीजे के खिलाफ भारतीय अधिकारियों से सहयोग की मांग की है।
अमेरिकी एसईसी ने न्यूयॉर्क जिला अदालत को बताया कि प्रतिवादी भारत में हैं और उन तक कानूनी नोटिस पहुंचाने के लिए प्रयास जारी हैं। इस प्रक्रिया में हेग सेवा सम्मेलन के तहत भारतीय अधिकारियों से सहायता लेने की योजना भी शामिल है, जिससे सिविल और वाणिज्यिक मामलों से जुड़े दस्तावेजों की कानूनी सेवा संभव हो सके।
एसईसी ने नवंबर 2024 में अपनी शिकायत दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से जुड़े एक वित्तीय लेन-देन के दौरान सितंबर 2021 की ऋण पेशकश के संदर्भ में प्रतिवादियों ने जानबूझकर या लापरवाही से भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। यह संघीय प्रतिभूति कानूनों के धोखाधड़ी विरोधी प्रावधानों का उल्लंघन है।
इसी मामले से जुड़े एक अन्य आपराधिक मुकदमे में न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के लिए यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने आरोप लगाया कि प्रतिवादियों ने साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी में संलिप्तता दिखाई है।
पिछले सप्ताह अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अडानी मामले पर कोई चर्चा नहीं की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में इसे एक “निजी मामला” करार देते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों पर शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत नहीं होती।
इससे पहले अडानी समूह ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा था कि वह “सभी संभावित कानूनी विकल्पों” का उपयोग करेगा।
