भोपाल, 17 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश में देश विदेश के निवेशकों को व्यापक निवेश के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से यहां 24 और 25 फरवरी को आयोजित हाेने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) के संदर्भ में आज विपक्षी दल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि वे इस समिट का समर्थन करते हैं, लेकिन निवेश वास्तव में धरातल पर भी दिखना चाहिए।
श्री पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि वे प्रदेश में हो रही ‘समिट’ का समर्थन करते हैं, क्योंकि निवेश से ही प्रदेश का आर्थिक विकास संभव है। किसी भी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार देना और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना होना चाहिए। इस दृष्टि से निवेश आकर्षित करना एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से विकास और जनहित की योजनाओं का समर्थन करती रही है। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि सिर्फ़ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने से विकास नहीं होगा, जब तक कि उन पर धरातल पर प्रभावी अमल नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले “इन्वेस्टर समिट” में जो वादे किए गए थे, वे आज तक अधूरे हैं। कई उद्योगों की घोषणाएं की गईं, लेकिन ज़्यादातर या तो शुरू ही नहीं हो पाईं या फिर अधर में लटकी रहीं।
श्री पटवारी ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि यह समिट सिर्फ़ एक औपचारिक आयोजन न बनकर प्रदेश के विकास में वास्तविक योगदान दे। सरकार को चाहिए कि वह पिछली विफलताओं की समीक्षा करे और सुनिश्चित करे कि इस बार निवेश के नाम पर किए गए समझौते वास्तव में ज़मीन पर उतरें। कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग देने को तैयार है, ताकि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बने और यहाँ के युवा, किसान और व्यापारी लाभान्वित हों। हम यह भी चाहते हैं कि सरकार इन निवेश प्रस्तावों की नियमित निगरानी करे और जनता के सामने स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
श्री पटवारी ने कहा, “मध्यप्रदेश की जनता के हित में हम सरकार के हर सकारात्मक प्रयास का समर्थन करेंगे, बशर्ते कि वह धरातल पर दिखे और सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित न रह जाए।”
भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को दो दिवसीय जीआईएस का उद्घाटन करेंगे, जिसमें देश विदेश के सैकड़ों प्रमुख उद्योगपति शामिल होंगे। इन उद्योगपतियों में अंबानी और अडानी समूह के शीर्ष प्रतिनिधि भी शामिल हैं। इसके समापन समारोह में 25 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आएंगे। राज्य सरकार इन दिनों इसी आयोजन पर ध्यान केंद्रित करके कार्रवाई कर रही है।

