
एक मंत्री के पीछे एक प्रवक्ता, कांग्रेस का नया फार्मूला
नव भारत न्यूज
इंदौर. कांग्रेस अब भाजपा को प्रदेश में नए सिरे से घेरने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने प्रवक्ताओं कर साथ नया फार्मूला बनाया है, जिसमें प्रदेश सरकार के एक मंत्री के पीछे एक प्रवक्ता नियुक्त होगा. वह प्रवक्ता मंत्री के कामकाज और विभागीय प्रदर्शन पर बोलेगा. साथ ही एक प्रवक्ता को जिले का प्रभार भी सौंपा जाएगा. खास बात यह है कि सांसद की निधि और उनके काम की जानकारी पर सवाल भी उठाए. यह सुझाव आज प्रवक्ताओं की समीक्षा बैठक में दिए गए.
आज भोपाल में कांग्रेस प्रवक्ताओं की समीक्षा बैठक रखी गई थी. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, आखिल भारतीय कांग्रेस के प्रवक्ता अभय दुबे एवं प्रदेश मुख्य प्रवक्ता मुकेश नायक ने प्रदेश में सभी जिलों के प्रवक्ताओं के साथ पीसीसी सभागृह में चर्चा की. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रवक्ताओं से कहा कि हर मुद्दे और बिंदु पर सकारात्मक और समन्वय के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ सवाल उठाएं. पार्टी लाइन एक बाहर जाकर नहीं बोले. अपने अपने जिलों में दलित, गरीब, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के अत्याचार और अपराध पर मीडिया में बात करे और सोशल मीडिया में सवाल करे.
कामकाज और भ्रष्टाचार को प्रमुखता से लें
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने सुझाव दिया कि हर जिले के मंत्री और भाजपा सरकार कामकाज एवं भ्रष्टाचार को प्रमुखता से लें. साथ ही सांसद निधि बढ़ा दी गई है, उसका कितना उपयोग और कैसे उसमें भ्रष्टाचार हो रहा है? मंत्री, सांसद, विधायक के साथ भाजपा के चुनावी वादों के जानकारी एकत्र कर उस पर सवाल करें. भोपाल में कांग्रेस ने तो किया है कि एक मंत्री के पीछे एक प्रवक्ता लग जाएं और जानकारी जुटाकर मीडिया को बताए, सोशल मीडिया पर फैलाएं.
हर जिले में बनाया जाएगा प्रवक्ता
ऐसी चर्चा है कि हर ज़िले में एक प्रवक्ता बनाया जाएगा , जो अन्य प्रवक्ताओं के साथ समन्वय के साथ भाजपा सरकार को हर मुद्दे पर चर्चा करेगा। बैठक में इंदौर से मृणाल पंत, संतोष गौतम, अमित चौरसिया, आनंद जैन कासलीवाल, हिमानीसिंह, हर्ष जैन सहित सभी प्रवक्ता मौजूद थे।
