
नवभारत न्यूज
खंडवा। खंडवा का रेल स्टेशन दो से तीन साल बाद नए कलेवर में होगा। इसके दोनों तरफ से यात्री आ व जा सकेंगे। फिलहाल बांबे बाजार की तरफ से ही स्टेशन अधिकतर उपयोग में लाया जा रहा है। सिविल लाइन वाला छोर भी शानदार तरीके से बनाने की योजना है। प्रधानमंत्री इसके लिए 347 करोड़ का बजट पहले ही स्वीकृत कर चुके हैं। यह प्रक्रिया पाइप लाइन में है। छह महीने में कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद टेंडर डल सकते हैं। देश के लगभग 20 स्टेशनों के टेंडर एकसाथ जारी होने की संभावना है।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के कार्यकाल की यह बड़ी उपलब्धि होगी। इसके अलावा श्री पाटिल खंडवा, बुरहानपुर और खरगोन जिले के उनके क्षेत्र में एक-एक नवोदय स्कूल और लाने के प्रयास में जुट गए हैं। ऐसा हुआ तो मानव संसाधन मंत्रालय से इन जिलों के खंडवा लोकसभा क्षेत्र के लिए डेढ़ हजार करोड़ रूपए स्वीकृत होंगे।
डीई को ग्राउंड-जीरो पर भेजा
बुधवार को रूटीन के काम देखने डिवीजनल इंजीनियर रेल खंडवा पहुंचे थे। उन्होंने बारीकी से पूरे स्टेशन को देखा। इससे पहले सांसद पाटिल ने रेलमंत्री के समक्ष खंडवा स्टेशन के विस्तार के संबंध में सुझाव दिए थे। डीईएन ने उनकी संभावना पर भी ग्राउंड-जीरो पहुंचकर देखा, कि ये सब जमीनी स्तर पर हो सकते हैं या नहीं। इसके बाद रिपोर्ट मुंबई सेंट्रक के दफ्तर और फिर दिल्ली के रेल मंत्रालय में ड्राइंग व अन्य तकनीक से रूपरेखा तय होगी।
347 करोड़ से आकार
लेगा खंडवा रेल स्टेशन
डिवीजनल इंजीनियर से खंडवा में रेल सलाहकार समिति के मनोज सोनी और पूर्व सदस्य सुनील जैन ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि काम चल रहे हैं। उन्हें देखने आए थे। कुछ और सुझाव खंडवा में काम करवा रहे अफसरों को दिए। सदस्यों ने सुझाव दिया कि सांसद भी चाहते हैं कि प्लेटफार्म नंबर 2 को बड़ा करें। 24 बोगी की रेल खड़ी हो जाना चाहिए। 347 करोड़ से खंडवा जंक्शन रेल स्टेशन पर काम का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास 2024 को किया था। खंडवा के दोनों साइड में काम करेंगे। टेंडर अभी नहीं आए हैं। प्रपोजल, डिजाइनिंग का खाका खींचा जा रहा है। खंडवा जैसे बड़े करीब 15 स्टेशनों का टेंडर एकसाथ शुरू होगा।
सांसद मिले थे रेलमंत्री से
खंडवा रेलवे स्टेशन पर चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के संबंध में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से पिछले महीने मुलाकात कर कई सुझाव दिए थे। इसी के संबंध में डीईएन खंडवा पहुंचे थे। रेलमंत्री ने सेंट्रल रेलवे जीएम को सांसद पाटिल के सुझावों पर परीक्षण करने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद डीआरएम इति पांडे ने डिविजनल इंजिनियर नार्थ पंचम जाटव को खंडवा भेजा।
प्लेटफार्म-2 लंबा होगा
खंडवा स्टेशन पर प्लेटफार्म दोनों प्लेटफार्मों नंबर 1 और 2 पर 24 कोच की ट्रेन खड़ी की जा सके। प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाई जा सके। डीईइन जाटव और सीनियर सेक्शन इंजिनियर एचके श्रीवास्तव ,गौरव गोस्वामी सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। उच्च अधिकारियों को इस विषय से अवगत करवाने की बात कही। इन्होंने प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 को पूरी क्षमता से विस्तार देने के पहलुओं को मौकास्थल पहुंचकर परीक्षण किया। उसके साथ प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 पर चल रहे कवर शेड निर्माण कार्यों को देख दिशा निर्देश दिए। आरपीएफ के नए बैरक भवन और उसके पास रेलवे की भूमि को देखा और यहां साफ सफाई रखने के निर्देश कर्मचारियों को दिए।
मंत्रालयों से बजट लाने लगे पाटिल
मतलब साफ है कि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल को आम जनता ने जो सुझाव खंडवा स्टेशन के बारे में दिए थे,उन पर रेल मंत्रालय ने काम शुरू कर दिया है। रेल विभाग का काम पुख्ता तरीके से होता है। इसीलिए इसमें देर लगती है। सांसद को एक उपचुनाव व दूसरा मुख्य चुनाव से सांसद बनने का मौका मिला है। अब वे मंत्रालयों से काम लाने और विकास कराने के तरीके पहचान गए हैं।
