कोलकाता (वार्ता) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने सोमवार को राज्य बजट सत्र के पहले दिन पारंपरिक उद्घाटन भाषण दिया और गरीबी उन्मूलन तथा कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत सहित विभिन्न क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की उपलब्धियों की सराहना की।
श्री बोस ने अपने संक्षिप्त संबोधन में हाल ही में संपन्न बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट और कानून व्यवस्था की स्थिति का भी जिक्र किया।
सत्र शुरू होने से पहले, सुश्री बनर्जी और विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने विधानसभा में राज्यपाल का स्वागत किया और तीनों ने विधानसभा परिसर में बी आर अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
श्री बोस ने अपने संबोधन में कहा कि आठवें बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया और उम्मीद जताई कि अगर निवेशकों द्वारा प्रस्तावित निवेश को लागू किया जाता है, तो वे निश्चित रूप से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएंगे तथा साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगे।
राज्यपाल ने राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य में दुर्गा पूजा, ईद, क्रिसमस, गुरु नानक जयंती और बुद्ध पूर्णिमा जैसे धार्मिक त्योहारों के शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जाने की भी प्रशंसा की।
श्री बोस ने समाज के वंचितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री के ‘दूरदर्शी और गतिशील नेतृत्व’ की प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि विकास पर किए गए कुल व्यय का एक तिहाई हिस्सा महिलाओं के सशक्तीकरण पर खर्च किया गया और उन्होंने ‘लक्ष्मी भंडार’, ‘कन्याश्री’ और ‘रूपश्री’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
श्री बोस ने कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों सहित राज्य के गरीब लोगों के उत्थान के लिए योजनाएं बना रही है, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके तथा उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें, जबकि केंद्र सरकार ‘कभी-कभी समर्थन की कमी’ करती है।
राज्यपाल के अभिभाषण की शुरुआत में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भाषण के दौरान अपना विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया।
बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में ज्यादा कुछ नहीं था, केवल राज्य भर में 600 और मदरसे स्थापित करने की सरकार की योजना के बारे में बताया गया था।
