
सीसीटीव्ही फुटेज की रिकवरी नहीं होने के संबंध में जानकारी पेश
जबलपुर। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सोमवार को साइबर क्राइम भोपाल ने हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी तथा जस्टिस ए के पालीवाल की युगलपीठ के समक्ष सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश की गयी। साइबर क्राईम की तरफ से बताया गया कि पूर्व महिला रजिस्टार के मोबाइल फोन की लोकेशन प्राप्त हो गयी है परंतु कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज पुनः प्राप्त नहीं हो पाई है। फुटेज की रिकवरी के लिए डीव्हीआर को सेन्द्रल लैब भेजा गया है।
गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की तरफ से दायर याचिका में प्रदेश में फर्जी नर्सिंग कॉलेज संचालित किये जाने को चुनौती दी गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान पूर्व में याचिकाकर्ता तरफ से पेश किये गये आवेदन में कहा गया था कि नर्सिंग घोटाले की अनियमितता में लिप्त एक इंस्पेक्टर को काउंसिल का रजिस्ट्रार तथा तत्कालीन निदेशक को अध्यक्ष बना दिया है। दोनों अधिकारी महत्वपूर्ण पद में रहते हुए साक्ष्यों के साथ छेडछाड कर सकते है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद रजिस्ट्रार अनीता चंद्र तथा अध्यक्ष जितेश चंद्र शुक्ला को तत्काल पद से हटाने के आदेश जारी किये।
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया था कि आदेश के बावजूद भी दोनों अधिकारियों को हटाया नहीं गया है। काउंसिलिंग कार्यालय से रजिस्ट्रार चार बक्से कागजात लेकर गयी है। दोनों अधिकारियों को पद से नहीं हटाये जाने पर युगलपीठ द्वारा नाराजगी व्यक्त करने पर सरकार की तरफ से 24 घंटों में आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया गया था।
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान काउंसिल के रजिस्ट्रार की तरफ से बताया गया कि कार्यालय में 13 से 19 दिसम्बर तक का सीसीटीवी फुटेज का डाटा उपलब्ध नहीं है। जिसे गंभीरता से लेते हुए युगलपीठ ने कहा था कि आदेश के बावजूद भी डाटा को सुरक्षित नहीं रखा गया। कोर्ट से रजिस्ट्रार लुका-छुपी का खेल खेल रहे है। युगलपीठ ने पुलिस आयुक्त भोपाल तथा साइबर सेल प्रभारी को आदेशित किया था कि सीसीटीवी फुटेज को पुनः प्राप्त करने सभी संभावित प्रयास करें। तत्कालीन रजिस्ट्रार के फोन लोकेशन की भी जानकारी प्राप्त करें, जिससे कार्यालय में भौतिक उपस्थित सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा आसपास में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच करें, जिससे यह स्पष्ट हो सके की अपराधियों ने क्या-क्या चुराया है।
पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने जांच सीबीआई को सौंपने की चेतावनी दी थी। याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान साइबर सेल भोपाल की तरफ से उक्त जानकारी पेश की गयी। इसके अलावा यह भी बताया गया कि क्षेत्र में स्थित बैंक के लगे कैमरों की सीसीटीव्ही फुटेज मांगी गई है। जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।
