
हरसूद-खालवा क्षेत्र के सेल्दामाल में 125 करोड़ से 60 एकड़ में खेल प्रशाल बनवाएंगे विजय शाह
नवभारत न्यूज
खंडवा। हरसूद विधानसभा क्षेत्र के सेल्दामाल में 125 करोड़ का बड़ा स्टेडियम बनेगा। इसमें 11 बड़े व अंतर्राष्ट्रीय मान्यता वाले खेल ओलंपिक व एशियाड के मानकों पर आदिवासी खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे। यह कीमत केवल स्टेडियम बनाने की है। दूसरे पार्ट में करोड़ों रूपए का सामान भी यहां लगेगा।
आदिमजाति कल्याणमंत्री विजय शाह ने नव-भारत को बताया कि पिछले पैंतालीस साल की राजनीति में उन्होंने हरसूद-खालवा क्षेत्र में वोट की राजनीति नहीं की। मकड़ाई के बाद उच्च शिक्षा के लिए इंदौर, फिर खालवा-रोशनी क्षेत्र के आदिवासियों के हालात देखकर यहीं के हो गए। युवावस्था व गर्म खून के साथ राजपरिवार का होने के कारण इनकी सेवा को मिशन ईमानदारी से बना लिया। इन्हीं लोगों ने विधानसभा में प्रतिनिधित्व का मौका दिया। इन्हीं ने मंत्री बनवाया।
60 एकड़ में बनेगा प्रशाल
भाजपा प्रवक्ता सुनील जैन के मुताबिक, सेल्दामाल में लगभग 60 एकड़ जमीन पर निर्माण की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। संभवत प्रदेश का पहला खेल प्रशाल होगा, जहां एक ही स्थान पर एथलेटिक्स, बैडमिंटन, क्रिकेट, टेनिस, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, स्वीमिंग-पूल के माध्यम से तैराकी भी खिलाड़ी सीख सकेंगे। प्रतियोगिताओं के लिए चार स्वीमिंग-पूल बनेंगे।
श्री जैन ने बताया कि प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए जाने के पूर्व मंत्री विजय शाह क्षेत्र के अधिकारी, पटवारी, आरआई के साथ ग्राम सेल्दामाल पहुंचे। बारीकी से जिस स्थान पर खेल स्टेडियम बनना है, उसका निरीक्षण किया।
ग्राउंड-जीरो पर विशेषज्ञों के साथ पहुंचे मंत्री
विजय शाह ने तकनीकी विशेषज्ञों से मिलकर 125 करोड़ की बड़ी योजना बना डाली है। फिलहाल वे आदिम जाति कल्याण मंत्री मध्यप्रदेश के हैं। विजय शाह हरसूद विधानसभा क्षेत्र के सेल्दा माल में बड़ा स्टेडियम प्लान कर रहे हैं, जो 11 प्रकार के खेलों से संबंधित रहेगा। इसमें खासकर वे आदिवासी प्रतिभाएं संवारी जाएंगी, जो एशियाड और ओलंपिक खेलों में परचम लहरा सकें। देश का नाम रोशन कर सकें।
लोगों ने दिलाया पावर
पूरे राजनीतिक जीवन की स्क्रिप्ट बताते हुए आँखें भर आईं। उन्होंने कहा आदिवासी व क्षेत्र के लोगों ने पावर दिलाए तो पूरे क्षेत्र में पहले, इनके शोषण व कुपोषण पर सत्ता में रही कांग्रेस सरकार का ध्यान खींचा। उन्हें यातनाएं दीं। फिर भाजपा सरकार आई। अब शिक्षा, बिजली, पानी और सडक़ की स्थिति सबसे बेहतर है। गरीब आदिवासी वर्ग के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं। आदिवासियों में खेल प्रतिभाएं बहुत हैं। इन्हें संसाधन व जगह के साथ कोच देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाएं संवारी जा सकती है। आदिमजाति कल्याण मंत्रालय व मोहन सरकार मिलकर प्रतिभाएं खोजने का काम शुरू करेंगे।
