ग्वालियर: बोर्ड परीक्षाओं में पिछले साल जिले के जिन सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत अच्छे नहीं रहे हैं, साथ ही जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उन्हें इस साल की बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के लिये जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इसके लिये विशेष रणनीति बनाई है। जिसके तहत चिन्हित स्कूलों में विशेष कक्षायें लगाई जायेंगीं। साथ ही जिले भर के सरकारी स्कूलों में दसवीं व बारहवीं में अध्ययनरत ऐसे बच्चों की विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से अतिरिक्त पढ़ाई कराई जायेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने इस संबंध में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिला स्तरीय अधिकारियों को इस काम की मॉनीटरिंग व मार्गदर्शन देने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि जिला स्तरीय अधिकारी अगले 20 दिनों तक हर दिन उन स्कूलों में पहुँचें, जिनकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। साथ ही कहा कि भ्रमण के दौरान मॉनीटरिंग के साथ-साथ उचित मार्गदर्शन भी दें। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम से भी कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस पुनीत कार्य का नेतृत्व कर यह सुनिश्चित करें कि हर जरूरतमंद बच्चे को उचित मार्गदर्शन मिल जाए और वह मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में पास हो सके।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में दसवीं व बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कराया गया है, जो पढ़ाई में कमजोर हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिये अतिरिक्त कक्षायें तो लगाई ही जायेंगीं। साथ ही इनके वॉट्सएप ग्रुप भी बनाए जा रहे हैं, जिन पर पढ़ाई का मटेरियल शेयर किया जायेगा। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये पिछले सालों के प्रश्न-पत्र व मॉडल पेपर भी शिक्षकों द्वारा हल कराए जायेंगे। उन्होंने बताया कि दसवीं व बारहवीं कक्षा के शिक्षकों को विभिन्न परीक्षाओं की ड्यूटी से मुक्त कर इस काम में लगाया गया है। बच्चों को पढ़ाने के लिये हर दिन दो विषय के तीन – तीन घंटे के पढ़ाई सेशन रखने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
