
रविवार अवकाश के दिन सात निरीक्षको के स्थानांतरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
नवभारत न्यूज
सिंगरौली 3 फरवरी। पुलिस निरीक्षको के तबादला सूची जारी होने के बाद एक बार फिर से चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। इसके पूर्व तत्कालीन पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता के कार्यकाल में उप निरीक्षको के तबादले को लेकर मामला काफी गरमाया हुआ था। हालांकि पुलिस महकमे में तबादला करना पुलिस अधीक्षक का विशेषाधिकार है।
गौरतलब है कि रविवार की रात जिले के विभिन्न थानों एवं पुलिस लाईन पदस्थ सात निरीक्षको का पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था एवं रिक्त पदों की पूर्ति का हवाला देकर तबादला किया। निरीक्षको के इस तबादले सूची में सबसे ज्यादा चर्चा बरगवां थानों को लेकर है। जहां पूर्व में विवादित रहे राकेश राका साहू को बरगवां थाने में ही पदस्थ कर दिया गया। जबकि इस संबंध में पुलिस अधीकारी अंजान नही थे। इसके बावजूद बरगवां थाने में ही पुलिस लाईन से नवीन पदस्थापना कर दी गई और जैसे ही तबादले का आदेश सोशल मीडिया में वायरल हुआ कि बरगवां थाना क्षेत्र के डगा निवासी सुग्गालाल के मामले को लेकर लोग सवाल उठाने लगे और आज दिन सोमवार को भी सोशल मीडिया में इसी बात को लेकर लोगबाग प्रश्न भी उठा रहे हैं। इधर तबादला सूची अवकाश के दिन जारी होने पर भी प्रबुद्धजन सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनी थी कि अवकाश के दिन तबादला सूची जारी की गई थी। फिलहाल यह कहा जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया है। हालांकि यह सच है। लेकिन तबादले के पीछे कई तरह की चर्चाएं की जाने लगी हैं।
जहां से थे बदनाम, उसी थाने की मिली कमान
चर्चाओं के मुताबिक पुलिस महकमे में तबादले को लेकर उसी दिन पठकथा लिखी गई थी जिस दिन बरगवां टीआई शिवपूजन मिश्रा को लाईन अटैच कर दिया गया था। इसके बाद से ही चर्चाएं शुरू हो गई थी। हालांकि एक पखवाड़े पूर्व ही बरगवां टीआई को हटाने के लिए कसरत की गई थी। आनन-फानन में मामला रूक गया था। सूत्र बताते हंै कि बड़े नेताओं से भी हरी झण्डी उसी वक्त मिली थी। इधर इस बात की चर्चा है कि सुग्गालाल प्रकरण के मामले में बरगवां थाने की उस वक्त पूरे प्रदेश में किरकिरी हुई थी और तत्कालीन टीआई राकेश साहू को लाईन अटैच कर दिया गया था। बरगवां में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। लेकिन अब उसी थाने में टीआई की पदस्थापना किये जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हैं। यहां यहां यह भी चर्चा है कि चितरंगी थाना अभी भी टीआई विहिन है। जबकि पुलिस लाईन में चार निरीक्षक हैं। फिर यह थाना कई महीनों से निरीक्षक विहिन क्यों हैं?
जिले में एक साल से पुलिस के तबादलो का चला दौर
जिले में लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले से और चुनाव संपन्न के बाद सिंगरौली जिले के पुलिस महकमें में जो तबादला का दौर चला वह थमने का नाम नही ले रहा है। लोस चुनाव आचार संहिता के पूर्व पुलिस महकमें में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मो. यूसुफ कुरैसी ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग किया था। इसके बाद लोकसभा जैसे ही संपन्न हुआ। उस दौरान के तत्कालीन एसपी निवेदिता गुप्ता ने पुलिस महकमें में भारी फेरबदल की थी और इसके बाद क्रम चलता रहा। सबसे ज्यादा जिले का परिक्रमा टीआई शिवपूजन ने लगाया है। माड़ा से विंध्यनगर एवं विंध्यनगर से बरगवां एवं इसके बाद बरगवां से पुलिस लाईन और अब फिर से माड़ा तबादला हुआ है। एक साल के दौरान उनका चार बार तबादला हुआ। हालांकि उन्हें चार दिन पूर्व लापरवाही का आरोप लगाते हुये लाईन अटैच कर दिया गया था और तीन दिन बाद पता नही कौन सी जड़ीबूटी मिली कि माड़ा थाना फिर से पदस्थ कर दिया गया।
