
*तीन गांवों में डॉक्टरों की टीम तैनात, स्कूलों को बनाया अस्पताल*
नवभारत न्यूज
शिवपुरी। जिले में भंडारे का खाना खाने से तीन गांव के 200 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। 60 लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना मामोनी कला ग्राम पंचायत की है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही कैंप लगाकर मरीजों की जांच कर रही है। गांव में मरीजों की संख्या ज्यादा होने से स्कूल में लोगों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
गांव में शनिवार को प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भंडारे का आयोजन हुआ था। ग्रामीण भंडारे का प्रसाद और बचा हुआ खाना घर ले गए थे। रविवार को भी सभी ने यही खाना खाया। देर रात करीब 2 बजे लोगों को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार सुबह गांव पहुंची और सभी का इलाज शुरू किया।मरीजों की संख्या ज्यादा होने से स्कूल में उनका इलाज किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मामोनीकला के सरपंच पति विनोद मिश्रा ने बताया कि अब तक करीब 60 से ज्यादा लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि अन्य का प्राथमिक उपचार गांव में ही किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने मामोनी कला, लड़ाईपुरा और तरपन का पुरबा गांवों में 6 डॉक्टरों की टीम तैनात की है। शिवपुरी से मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. एसके पिप्पल और बीएमओ रोहित भदकारिया सहित नर्सिंग स्टाफ को तैनात किया है।
*प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग का मामला*
सोमवार सुबह डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची और लोगों का इलाज शुरू किया। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजय ऋषेश्वर के अनुसार प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब तक 170 की जांच की जा चुकी है, जो उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित मिले हैं।
