
* केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वर्ष 2025-26 का संसद में पेश बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष की अलग-अलग प्रतिक्रिया
नवभारत न्यूज
सीधी 1 फरवरी।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वर्ष 2025-26 का बजट संसद में पेश किया। संसद में पेश बजट को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जिसमें सत्ता पक्ष भाजपा के लोगों का कहना है कि भारत के विकास यात्रा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। बजट में युवाओं को रोजगार के लिए सभी क्षेत्रों में प्रावधान किए जा रहे हैं। इससे बेरोजगारी खत्म करने में मदद मिलेगी। वरिष्ठ नागरिकों को पीडीएस में छूट दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों को छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने का ऐलान किया गया है। वहीं 36 जीवन रक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट का ऐलान किया गया है। बजट को लेकर विपक्षीय दलों द्वारा इसे छलावा एवं निराशाजनक बताया जा रहा है।
संसद में आज पेश बजट पर नजर दौड़ाई जाए तो केंद्रीय बजट में रोजगार को सभी क्षेत्रों में बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वहीं वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट में किसानों से लेकर टैक्स पेयर्स तक के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। बजट में 12 लाख रुपए तक की आमदनी वालों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं किसानों के लिए नई स्कीम की घोषणा की गई है। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ब्याज सहायता योजना की सीमा 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत कम पैदावार, आधुनिक फसल गहनता और औसत से कम ऋण मानदंडों को शामिल किया जाएगा। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना की सुविधा प्रदान करेगी और इनमें से 200 में इसी वित्त वर्ष में स्थापित किए जाएंगे। बजट में पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। अगले 5 वर्षों में मेडिकल कॉजेजों में 75 हजार सीट जोडऩे के लक्ष्य पर जोर दिया गया है। वहीं अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10 हजार अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स को लेकर मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है। आम बजट में ऐलान किया गया है कि 12 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नए रिजीम के तहत इसकी छूट दी जाएगी। वित्त मंत्री ने डेयरी और फिशरी फार्मर्स के लोन की सीमा बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके अलावा एमएसएमई सेक्टर का क्रेडिट कवर बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को टैक्स की छूट की सीमा दोगुनी कर दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि अब चार साल तक अपडेटेड आईटीआर भरा जा सकेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रिकार्ड आठवां लगातार बजट पेश किया। बजट में किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए कई अहम ऐलान किए गए हैं। जिसमें बिहार में मखाना बोर्ड बनाने का भी ऐलान शामिल है। मध्यम वर्ग को 12 लाख रुपए की आय तक कोई टैक्स न लगाने का ऐलान किया गया है।
माध्यम वर्ग के लिए मील का पत्थर साबित होगा यह बजट : डॉ राजेश मिश्र
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद और बजट के प्रत्यक्ष दर्शी डॉक्टर राजेश मिश्रा ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे अति प्रसन्नता है कि संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व में वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2025 के ऐतिहासिक बजट में मैंने हिस्सा लिया, इस अमृतकाल में प्रस्तुत 2025 का बजट भारत को विकास के नए आयाम स्थापित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं बजट में गाँव, गरीब, किसान, मजदूर, मध्यमवर्ग के हितों वाला बजट है।डॉ मिश्रा ने आगे कहा कि बजट के होने वाले अनुदान मांगों में चर्चा के दौरान मेरे द्वारा सीधी संसदीय क्षेत्र के विकास हेतु अनेक विकास परियोजनाओं की मांग की जाएगी तथा मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व वाली हमारी केंद्र सरकार सीधी संसदीय क्षेत्र को विकसित बनाने में कोई कसार नहीं छोड़ेगी ।
भारत के इतिहास में पेश किया गया यह अद्भूतिय बजट है :रीती पाठक
सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि भारत के इतिहास में पेश किया गया यह अद्भूतिय बजट है, जिसमें इनकम टैक्स छूट की सीमा 12 लाख कर दी गई है। जो भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए कारगर होगा। बजट में शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। मेडिकल एजुकेशन और आई आई टी में 75000 सीटें बढ़ाने की घोषणा इस बजट में की गई है, जो शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन पैदा करेगा।
विकसित भारत के सपनों को उड़ान देने वाला बजट :देव कुमार
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने बजट का स्वागत करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि
किसानों के लिए ‘प्रधानमंत्री धनधान्य योजना’ का ऐलान, किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़कर 5 लाख हुई, बिहार में मखाना बोर्ड बनेगा ,खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए 6 साल का मिशन, लेदर उद्योग स्कीम में 22 लाख नई नौकरी पैदा करने का लक्ष्य, भारत को टॉयज का ग्लोबल हब बनाएंगे,आईआईटी में टेक्नोलॉजिकल रिसर्च के लिए 10 हजार पीएम स्कॉलरशिप, अगले 5 वर्षों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब, सभी सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी,सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर स्थापना होगी, जल जीवन मिशन का बजट आउटले 100 प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लिए बढ़ाया गया,120 गंतव्यों को जोड़ने के लिए संशोधित उड़ान योजना शुरू होगी, 4 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को मदद मिलेगी,इंश्योरेंस सेक्टर के लिए 100 एफडीआई की मंजूरी सहित सैकड़ो उल्लेखनीय जन कल्याण की योजनाएं शामिल हैं। कुल मिलाकर बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपनों को उड़ान देने वाला बजट है।
केंद्रीय बजट किसान, युवा एवं जन विरोधी है: कमलेश्वर
केंद्रीय बजट बेहद निराशाजनक हैं गरीब, किसान और बेरोजगार के लिए इसमें कुछ नहीं है। भारत सरकार का बजट देश को ओर कर्जदार बनाने की दिशा में बढ़ता कदम है। उक्त विचार कांग्रेस कार्य समिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने प्रेस विज्ञप्ति में कहीं। उन्होंने बताया कि शनिवार को पेश किया गया बजट देश की जनता की स्वीकृति के बिना ही ऋण पर ऋण लेकर जनता जनार्दन को कर्जदार बनाया जा रहा है। यह बजट आमजन को निराश करने वाला है। केंद्र सरकार कर्ज लेकर काजू खा रहीं हैं। देश पर इतना कर्ज हैं कि सरकार के कुल आय में से 20 प्रतिशत की राशि ब्याज में चली जाती हैं। यह बजट किसान विरोधी, युवा विरोधी, गरीब विरोधी एवं जन विरोधी है। देश के किसान धरने पर बैठे हैं लेकिन बजट में एमएसपी तक की बात नहीं की गई। यह देश को डुबोने वाला बजट है। उन्होंने बताया कि इस बजटमें किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पूरी तरह उपेक्षा कि गई है।
केंद्रीय बजट में मध्य प्रदेश के हाथ खाली: ज्ञान
केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से राजनीतिक और निराशाजनक बजट है। आम उपभोग की वस्तुओं पर टैक्स नहीं घटाया गया जिससे आम आदमी को मंहगाई से राहत नहीं मिलेगी किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस बजट से केवल मोदी के उद्योगपति मित्रों को निजी लाभ मिलेगा केंद्रीय बजट में मध्य प्रदेश के लिए कोई सौगात नहीं मिली मप्र को सिर्फ निराशा हाथ लगी है।
