
० डीईओ एवं संविदाकारों की मिलीभगत से शासकीय बजट का हो रहा बंदरबांट, बिना मूल्यांकन के संविदाकारों को हो रहा भुगतान
नवभारत न्यूज
सीधी 30 जनवरी। जिले के स्कूल भवनों की मरम्मत के नाम पर लाखों का गोलमाल होने का मामला सामने आया है। डीईओ एवं संविदाकारों की मिलीभगत से शासकीय बजट का बंदरबांट किया जा रहा है। बिना मूल्यांकन के ही संविदाकारों को भुगतान करने का खेल शुरू है।
बताया गया है कि सांसद, विधायकों से स्कूल मरम्मत कराने की अनुशंसा कराकर पत्र लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में जमा कर वहां से 3 से 5 प्रतिशत कमीशन देकर राशि सीधे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजने की व्यवस्था बना दी जाती है। डीईओ बिना तकनीकि प्राक्कलन तैयार कराए ही ठेकेदार को विद्यालय मरम्मत कराने का कार्य सौंप देते हैं और ठेकेदार के कहने पर निर्माण कार्य के नाम पर भुगतान कर देते हैं। ठेकेदार क्षतिग्रस्त विद्यालयों में लीपापोती कर सारी राशि आहरण कर लेते हैं। जिले के कई स्कूलों में जर्जर भवन हैं जिनका मरम्मत व रंगरोगन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा करोड़ों रुपए का बजट विगत दो वर्षों में डीईओ कार्यालय को उपलब्ध कराया गया था। डीईओ ने विद्यालयों के प्राचार्यों पर दबाव बनाते हुए ठेकेदार के कहे अनुसार निर्माण कार्य के भुगतान करने हेतु प्रतिवेदन कार्यालय में मंगवाकर उसी प्रतिवेदन के आधार पर ठेकेदारों को भुगतान करने का मामला सामने आया है। उक्त संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीधी के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्रीमान सिंह ने बताया कि किन-किन विद्यालयों में मरम्मत की आवश्यकता है। इसकी जानकारी डीईओ द्वारा शिक्षा समिति की बैठक में नहीं दी जाती। बिना तकनीकि प्राक्कलन एवं मूल्यांकन के कोई भी शासकीय राशि निर्माण कार्यों में व्यय नहीं की जा सकती। यदि डीईओ द्वारा बिना तकनीकि प्राक्कलन के व मूल्यांकन के राशि ठेकेदारों को दे दी गई है तो इसकी जांच कराया जाना आवश्यक है। जिला प्रशासन को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
डीईओ के द्वारा लोक शिक्षण संस्थान से स्कूलों के मरम्मतीकरण के लिए मिली राशि को एक ही ठेकेदार को अधिकांश विद्यालयों का काम सौंपे जाने का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार द्विवेदी ब्रदर्श को रामपुर नैकिन, कुसमी, सिहावल, मझौली आदि विकासखंडों की अधिकांश स्कूलों के मरम्मतीकरण का कार्य डीईओ द्वारा सौंप दिया गया है। बताया गया है कि द्विवेदी ब्रदर्श लोक शिक्षण संस्थान में कमीशन देकर निर्माण कार्य के लिए बजट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लाते हैं और फिर डीईओ को मोटा कमीशन देकर विद्यालय के मरम्मत का काम लेकर और निर्माण कार्य के नाम पर लीपापोती कर बिना मूल्यांकन के ही राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा लेते हैं।
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18 स्कूलों के लिये मंजूर हुआ था 50 लाख
स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा जिले के 18 विद्यालय भवनों के मरम्मत के लिए 50 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था। जिसमें हायर सेकेण्ड्री कन्या स्कूल पतुलखी के लिए 5 लाख, हाईस्कूल गहिरा में 3 लाख, हाईस्कूल कन्या सिहावल में 3 लाख, हाईस्कूल पोंड़ी में 3 लाख, हाई स्कूल सपही में 2 लाख, हाईस्कूल करौंलीकला में 2 लाख, हायर सेकेण्ड्री तरका में 2 लाख, हाईस्कूल सरदा में 2 लाख, हायर सेकेण्ड्री बाल हिनौती में 2 लाख, हाईस्कूल बड़ा टीकट में 3 लाख, हाईस्कूल सेमरा में 3 लाख, हाईस्कूल नेबूहा में 5 लाख, हायर सेकेण्ड्री स्कूल अमरवाह में 3 लाख, हायर सेकेण्ड्री स्कूल लकोड़ा में 2 लाख, हाईस्कूल कपुरी बघेलान में 2 लाख, हाईस्कूल मढ़ा में 2 लाख, हाईस्कूल तिवरिगवां में 2 लाख, हायर सेकेण्ड्री स्कूल टिकरी में 3 लाख इन सभी स्कूलों के प्राचार्यों ने डीईओ के दबाव पर राशि का आहरण कर संविदाकार को भुगतान कर दिए हैं लेकिन अभी तक स्कूलों के मरम्मतीकरण का कार्य अभी तक संविदाकार के द्वारा पूरा नहीं हो पाया है।
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इनका कहना है
विद्यालयों के मरम्मत के नाम पर जिला शिक्षा कार्यालय में आई राशि का बिना तकनीकि प्राक्कलन एवं मूल्यांकन के संविदाकारों को भुगतान किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में शिक्षा समिति की बैठक में सारी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर पूरे मामले की जांच कराकर कार्यवाही कराई जाएगी।
श्रीमान सिंह, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सीधी
जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत अधिकांश विद्यालयों के मरम्मत का कार्य द्विवेदी ब्रदर्श संविदाकार को दे दिया गया है। संविदाकार द्वारा शासकीय स्कूल भवनों का आधा-अधूरा मरम्मतीकरण का कार्य कराकर डीईओ से मिलकर सारी राशि आहरण कर ली है। स्कूल मरम्मत के नाम पर डीईओ और ठेकेदार ने मिलकर शासन को लाखों की क्षति पहुंचाई है। जिसकी जांच कराकर डीईओ और ठेकेदार से राशि वसूली जाए।
ऋषिराज मिश्रा, उपाध्यक्ष , जनपद पंचायत रामपुर नैकिन
शासन द्वारा विद्यालयों के मरम्मत हेतु जो राशि प्राप्त हुई थी उससे जर्जर विद्यालयों के मरम्मतीकरण का कार्य संविदाकारों के माध्यम से कराया गया है। जिस स्कूलों में सही तरीके से कार्य नहीं कराया गया है उसकी जांच कराकर संबंधित संविदाकार के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
डॉ.प्रेमलाल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी सीधी
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