नई दिल्ली स्थित निवास पर आयोजित मध्य प्रदेश के किसानों (गणतंत्र दिवस पर विशेष आमंत्रित) के साथ संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन के बिन्दु:

नई दिल्ली, मैं आप सभी का स्वागत करता हूँ। हमने 6-7 महीने में कई चीजें की हैं। हमारी प्राथमिकता है कि खेती-किसानों को और आगे ले जायें।

किसान अकेले मेहनत नहीं करता, पूरा परिवार मेहनत करता है। कई बार हम मौसम पर निर्भर रहते हैं। हमारी फसल भी खराब होती है।

हमारी कोशिश होती है कि खेती को कैसे और आसान बनाएं।

हमने पिछले दिनों तय किया कि तुअर, मसूर, उड़द पूरी MSP पर खरीदी जाएगी।

सोयाबीन के रेट कम हो गए थे तो बाहर से जो तेल आता था, वो सस्ता आता था। हमने 20% इम्पोर्ट ड्यूटी लगाई, जिससे बाहर का तेल महंगा हो सके।

बासमती के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध हमने हटाया और कोशिश जारी है कि कैसे ठीक रेट आगे मिल पाये।

हमारी चीज सस्ती बिकती है लेकिन दिल्ली में आकर महंगी हो जाती है। खेत से उपभोक्ता के अंतर को हम काम करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट में जो भाड़ा लगता है, उसमें आधा केंद्र और आधा राज्य सरकार दे दें, इस पर विचार हो रहा है।

नीतिगत परिवर्तन से खेती को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मैं हर हफ्ते भाव देखता हूँ, किस फसल का क्या भाव है। कैसे ठीक किया जा सकता है, हर सोमवार को मैं समीक्षा करता हूँ।

खाद में किसान को सब्सिडी मिलती है, उसमें 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यूरिया की बोरी 265 रुपये में मिलती है लेकिन वो बोरी 2,400 रुपए में आती है।

सब्सिडी कंपनी के खाते में जाती है। खाद का उपयोग अन्य जगहों में भी हो जाता है। हम कोशिश करेंगे कि विश्वस्त तंत्र बन जाए तो किसान के खातों में ही सब्सिडी डालेंगे।

मोदी जी जो पीएम किसान सम्मान निधि देते हैं, वो लगभग 60 हजार करोड़ रुपये जाती है। 2 लाख करोड़ रुपये और चले जायें, तो बैंक बैलेंस और बढ़ जाएगा।

ड्रिप इरिगेशन, पोलीहाउस, ग्रीन हाउस की सब्सिडी में भी कोई ऐसा तरीका निकाला जाये कि अगर सब्सिडी दे रहे हैं, तो वो किसान के खाते में मिल जाये, यह विचार हो रहा है। ऐसी व्यवस्था भी बने कि वो पैसा उसी चीज के लिए दे।

पीएम आवास के नए मकान का सर्वे भी हो रहा है। अपने गाँव में सर्वे ठीक से हो जाए तो मकान ठीक से बन जाएंगे।

मैं विदिशा आया था तो 8 लाख मकान मैंने दिये थे।

अब जितने भी गरीब हैं वो अपने मोबाइल से ही खुद का सर्वे कर सकते हैं। दूसरे लोग गड़बड़ी कर देते थे लेकिन अब खुद ही कर सकते हैं।

ऐसे कई तरीके अपना रहे हैं, जिससे बेईमानी न हो।

लखपति दीदी का काम भी मेरे पास है, उनको भी अब लखपति से आगे करोड़पति बनाना है।

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Mon Jan 27 , 2025
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