नयी दिल्ली, 24 जनवरी (वार्ता) अडानी समूह ने शुक्रवार को कहा कि श्रीलंका में उसकी मन्नार और पूनरी में 484 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाओं को रद्द करने की खबरें असत्य और भ्रामक हैं।
समूह ने एक बयान में कहा, “हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि परियोजना को रद्द नहीं किया गया है। मई 2024 में स्वीकृत विद्युत दर का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए दो जनवरी 2025 को श्रीलंका के मंत्रिमंडल का निर्णय एक मानक समीक्षा-प्रक्रिया का हिस्सा है।”
समूह ने कहा है कि विशेष रूप से कोई नवगठित सरकार परियोजनाओं के बारे में यह देखने के लिए इस तरह की समीक्षा करती हैं कि उनकी शर्तें सरकार की वर्तमान प्राथमिकताओं और ऊर्जा नीतियों के अनुरूप हैं।
समूह ने कहा है, “अडानी श्रीलंका के हरित ऊर्जा क्षेत्र में एक अरब डालर का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो नवीकरणीय ऊर्जा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।”
विदेश की एक समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि अमेरिका की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों के बाद श्रीलंका सरकार ने अडानी समूह की परियेाजनाओं के खिलाफ जांच शुरू की थी और अनुरा कुमारा दिसानायके सरकार ने करार खत्म कर दिया है।
श्रीलंका ने पिछले वर्ष मई में इन परियोजनाओं से बिजली खरीदने के लिए अडानी समूह की कंपनी अडानी ग्रीन के साथ 20 साल का विद्युत क्रय समझौता किया था। यह 484 मेगावाट का यह विंड पावर कॉम्पलेक्स श्रीलंका के मन्नार और पूनरी कोस्टल एरिया में बनाया जा रहा है, जिसके लिए 44.2 करोड़ डॉलर का निवेश अनुमानित है।
