नयी दिल्ली 23 जनवरी (वार्ता) महाकुंभ 2025 में आयुष मंडप अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना हुआ है और 1.21 लाख से अधिक लोगों ने निशुल्क आयुष परामर्श और दवाइयां दी गयी हैं।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ में श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के लिए आयुष ओपीडी, क्लीनिक, स्टॉल और सत्र प्रमुख आकर्षण बन कर उभर रहे हैं। मंत्रालय ने राष्ट्रीय आयुष मिशन, उत्तर प्रदेश के सहयोग से इस महाकुंभ में आयुष सुविधाओं की एक श्रृंखला की व्यवस्था की है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन सुविधाओं पर 1.21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आयुष सेवाओं का लाभ उठाया है।
मंत्रालय के अनुसार महाकुंभ में आयुष टीम में 20 ओपीडी में 80 डॉक्टर शामिल हैं जो 24 घंटे सातों दिन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं। ये ओपीडी कई तरह की सामान्य और पुरानी बीमारियों को ठीक करने के लिए सुसज्जित हैं। विदेशी भक्त भी ओपीडी परामर्श सहित आयुष सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, संगम क्षेत्र और सेक्टर-8 में निर्धारित शिविरों में सुबह प्रतिदिन चिकित्सीय योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका नेतृत्व नई दिल्ली के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के प्रशिक्षक कर रहे हैं। इन सत्रों में अंतरराष्ट्रीय भक्तों की भागीदारी स्थानीय और वैश्विक जनता के बीच आयुष सेवाओं में बढ़ती रुचि और विश्वास को दर्शाती है।
मंडप का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति, औषधीय पौधों आदि में हुई प्रगति के बारे में भक्तों को जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने औषधीय पौधों की रचनात्मक प्रदर्शनी लगाई और इन पौधों के सामान्य लाभों आदि के बारे में जानकारी साझा करने के लिए विशेषज्ञों को भी तैनात किया। भक्तों को इन पौधों को उगाने के संभावित वित्तीय लाभों के बारे में भी बताया गया और निःशुल्क पौधे भी वितरित किए गए।
महाकुंभ में आयुष टीम ने इम्युनिटी बूस्टर और कैल्शियम की गोलियों सहित दवाओं के निःशुल्क वितरण की भी व्यवस्था की है। बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के आयुष मंत्रालय के चल रहे प्रयासों के अनुरूप, महाकुंभ में अब तक लगभग 45 प्रतिशत लाभार्थी बुजुर्ग हैं। आम बीमारियों और उनके आयुष उपचारों पर जानकारीपूर्ण पर्चे भी वितरित किए जा रहे हैं।
