रील बनाने के लिए थार कार से गिरे थे
बने जागरूकता अभियान के हिस्सेदार
इंदौर:शहर में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां तीन 12वीं कक्षा के छात्रों को यातायात नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ गया. यह घटना तब प्रकाश में आई जब इन छात्रों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे थार गाड़ी के ऊपर बैठकर रील बना रहे थे. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ खुद की सुरक्षा को खतरे में डाला बल्कि यातायात नियमों की भी धज्जियां उड़ाई.एडिशनल डीसीपी क्राईम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कुछ लड़के एक थार कार के उपर बैठकर रील बनाते समय गिर गए थे.
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों की पहचान की. डीसीपी ने छात्रों को नियमों का महत्व समझाने के लिए बुलाया और जीवन तथा मृत्यु के बीच की बारीक रेखा को समझाने का प्रयास किया. वहीं छात्रों को यह सजा दी कि वे साइबर फ्रॉड के प्रति आम जनता को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक करें. छात्रों ने गलती स्वीकारते हुए कहा कि वे भविष्य में न केवल यातायात नियमों का पालन करेंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे. यह पहल न केवल छात्रों को जिम्मेदारी का एहसास कराने का प्रयास है, बल्कि समाज में ट्रैफिक नियमों और साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता फैलाने का एक अभिनव तरीका भी है.
मिली अनोखी सजा
डीसीपी द्वारा तीनों ही छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें सजा देने के बजाय जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने का मौका दिया. उन्हें निर्देश दिया गया कि वे साइबर फ्रॉड और यातायात नियमों के प्रति आम जनता को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक करें. इस पहल की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है.
