भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा की भतीजी के विवाह में शामिल हुए सीएम, सिंधिया, नरेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ मंत्री
ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी में कैंसर वाले बयान को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर निशाना साधा है। मंगलवार की रात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के भतीजे की शादी में ग्वालियर आए सीएम ने मीडिया से चर्चा की। मुख्यमंत्री के साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई बड़े नेता इस वीआईपी शादी में शामिल हुए।
पटवारी के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे अटपटा लग रहा है कि कांग्रेस परिवार में राहुल गांधी, सोनिया गांधी जैसे बड़े-बड़े नेता हैं। अब मप्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अपने नेताओं को कैंसर बता रहे हैं। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कैंसर किसको है। प्रदेश के नेता को है या राहुल गांधी को। मैं उम्मीद करता हूं कि जो भी पार्टी चला रहे हैं उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए। उनकी अपनी पार्टी में जिस ढंग का भाव बना है, मुझे लगता है की राजनीति में सब बातें चलेंगी, लेकिन अपनी पार्टी के अंदर इस ढंग से बात रखने का नया रिवाज देख रहे हैं। ये बहुत ही गड़बड़ है।
25-30 साल पुरानी इंडस्ट्री के लिए अभियान चलाकर निराकरण करेंगे
इस दौरान सीएम ने कहा कि हमारी सरकार औद्योगिक श्रमिक परिवार की मदद करने के लिए तत्पर है। हमने 25-30 साल से बंद कॉटन मिल और इंडस्ट्री के लिए अभियान चला कर निराकरण किया है। सरकार ने इंदौर-उज्जैन के कई उद्योगों के भुगतान का निराकरण कराया है। हमारी सरकार हमेशा से गरीब,कमजोर और मजदूर वर्ग के साथ है।
जल्दी से जल्दी जेसी मिल के श्रमिकों का पैसा लौटाएंगे
उन्होंने कहा कि ग्वालियर की जेसी मिल का पहले एक बार दौरा कर चुका हूं। अब दो राउंड बचे हैं। आज उसके संबंध में बैठक ले रहा हूं। मिल के श्रमिकों का पैसा जल्दी से जल्दी लौटाएंगे। हमारी संवेदनशीलता भी है और गरीब भाई-बहनों की इच्छा भी है। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि प्रदेश में औद्योगीकरण का माहौल बना हुआ है। ऐसे कदमों से हमारे निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को साहस मिलता है।
सीएम यादव ने संभाग आयुक्त कार्यालय में ग्वालियर की सालों पहले बंद हो चुकी जेसी मील के मजदूरों के लंबित भुगतान की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उनके साथ प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौजूद थे।बैठक के बाद यादव ने कहा, जेसी मिल 1921 में बनी थी। 1923 से लगातार काम शुरू हुआ था। इसके 8000 से ज्यादा श्रमिक बंधुओं का देनदारी का विषय हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है। इसमें बैंक वाले और अन्य की उधारी को मिलाकर सरकार इस प्रकरण का निराकरण करना चाहती है। मैंने निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में किसी भी मिल, इंडस्ट्री श्रमिक का पैसा बकाया है, तो उसका समाधान हमारी सरकार करेगी। जब हम नए उद्योग लगाने की बात कर रहे हैं तो पुराने उद्योगों की भी हमारी जवाबदेही है। हमने इंदौर की हुकुमचंद मिल का निराकरण किया था। उज्जैन की मिल का निराकरण किया है। इस तरह ग्वालियर की जेसी मिल के साथ रतलाम की सज्जन मिल सहित बाकी दूसरी इंडस्ट्रीज के समाधानों का भी क्रम आगे आ रहा है। आज हमने सभी के साथ बैठक कर उनके क्लेम के निराकरण के लिए चर्चा की है। पूरी उम्मीद है कि जल्द इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
