पल-पल में लगता है भारी जाम
जबलपुर:शहर के व्यस्ततम चौराहों में शुमार तहसील चौक अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। उच्च न्यायालय के पास बने इस चौक को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम से भी पहचाना जाता है, लेकिन यहां की यातायात व्यवस्था अराजक हो चुकी है। यही ना तो ट्रैफिक सिग्नल हैं ना ही यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान नजर आते हैं। चौराहे से लगे दो महत्वपूर्ण मार्गों पर सड़क तक वाहनों की पार्किंग यातायात व्यवस्था का गला घोंट रही है। चौराहे के आसपास फुटपाथ पर ठेले टपरों ने अतिक्रमण कर रखा है तथा सड़क तक वाहनों की पार्किंग की जा रही है। इस चौक के पास उच्च न्यायालय, तहसील, जिला पंचायत और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ साथ पुलिस लाइन समेत अन्य शासकीय कार्यालय मौजूद हैं। इसके बावजूद यहां यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यही कारण है कि इस चौक के आसपास सुबह से रात तक कई बार यातायात व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। इस चौक से एक मार्ग घमापुर तो दूसरा मालगोदाम की तरफ और तीसरा मार्ग उच्च न्यायालय की तरफ जाता है। और सभी मार्गो पर यातायात का भारी दबाव रहता है।
व्यवस्थाओं को दिखा रहे ठेंगा
जानकारों की मानें तो तहसील चौक के आसपास फुटपाथी व्यापारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। जिसके कारण पार्किंग व्यवस्था सड़क पर आ जाती है। दो पहिया, चार पहिया वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण यातायात व्यवस्था अराजक हो जाती है। जिसके चलते इस बड़े चौराहे पर भी चलने लायक जगह नहीं बचती है। पैदल आवागमन करने वालों को भी परेशान होना पड़ता है। फल-सब्जी से लेकर तमाम सामग्री फुटपाथ से लेकर सड़को पर बेची जा रही है। चाय-पान के टपरे भी आबाद हो गए हैं। इन टपरों के आसपास हर समय लोगों की भीड़ लगी रहती है।
बेअसर साबित होती कार्यवाही
उच्च न्यायालय के समीप बने इस चौराहे पर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो की जाती है लेकिन कार्रवाई के थमते ही फुटपाथ पर दोबारा कब्जा कर लिया जाता है। निगम का अमला पुलिस सुरक्षा के बीच एक तरफ से कब्जे हटाता है तो दूसरी ओर से हालात यथावत हो जाते है। अतिक्रमणकारी कुछ घंटों में ही खाली कराई गई जगह पर कब्जा जमा लेते हैं, जिससे चौक के आसपास स्थिति अराजक हो जाती है और यातायात व्यवस्था पटरी से उतर जाती है।
इनका कहना है
शहर के सभी चौराहो पर जवानों की मौजूदगी रहती है जो यातायात को सुचारू रूप से चलने में मदद करते हैं। हां बड़े चौराहों पर जाम लगता है जिसे यातायात विभाग द्वारा सुलझा लिया जाता है।
संतोष शुक्ला, डीएसपी, यातायात
