ग्वालियर: विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में अध्यक्ष पद पर जयप्रकाश राजौरिया के नाम पर सहमत नहीं थे। इसको लेकर वे नाराज भी थे। उनकी नाराजगी दूर करने प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा को ग्वालियर आना पड़ा। राजौरिया को लेकर प्रदेशाध्यक्ष शर्मा तोमर के बंगले पहुंचे और बंद कमरे में चर्चा की। तोमर ने राजौरिया के नाम पर सहमति तो दे दी, लेकिन वे इस निर्णय से खुश नहीं दिखे। तोमर के बंगले से बाहर निकलकर जब प्रदेशाध्यक्ष मीडिया से बात कर रहे थे, तो राजौरिया साथ थे, लेकिन वे रुके नहीं और सीधे चले गए।
प्रदेशाध्यक्ष ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की। बाद में तोमर और प्रदेशाध्यक्ष साथ में रेलवे स्टेशन आए और वंदेभारत से भोपाल के लिए रवाना हो गए। उनके जाने के तीन घंटे बाद राजौरिया के नाम की घोषणा की गई।प्रदेशाध्यक्ष को इसका आभास था कि राजौरिया का नाम घोषित होने के बाद विरोध हो सकता है, इसलिए सुबह से घेराबंदी शुरू कर दी थी। प्रदेशाध्यक्ष ने सभी मंडल अध्यक्षों से राजौरिया के नाम पर सहमति करा ली। हालांकि प्रदेश चुनाव प्रभारी विवेक नारायण शेजवलकर भी सहमत नहीं थे, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष ने उन्हें भी मना लिया। इसके बाद दोपहर भाजपा जिला निर्वाचन अधिकारी प्रदीप लारिया ने भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष की प्रक्रिया को संपन्न कराया। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष राजौरिया को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के बंगले पर पहुंचे।
